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संसद में अगस्ता वेस्टलैंड पर बीजेपी और कांग्रेस में गर्मागर्म बहस

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 May 2016, 16:08 IST

संसद में अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर चर्चा हो रही है. राज्यसभा में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अगस्ता वेस्टलैंड डील पर बयान दिया.

पर्रिकर ने सिलसिलेवार तरीके से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील के बारे में जानकारी दी. पर्रिकर ने कहा कि ये पूरा मामला 2002 में शुरू हुआ था. मैं सदन को इस बारे में हुए घटनाक्रम पर बिना किसी टिप्पणी के विस्तार से जानकारी देना चाहता हूं. 

पर्रिकर के बयान पर विपक्ष ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. हंगामे के बीच पर्रिकर ने अपना बयान पूरा किया. वहीं चर्चा की शुरुआत में सबसे पहले बीजेपी के भूपेंद्र यादव ने बयान दिया. 

2013 की कैग रिपोर्ट का हवाला

भूपेंद्र यादव ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर इस दौरान निशाना साधा. यादव ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैक लिस्ट करने के कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए.

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भूपेंद्र यादव ने चर्चा के दौरान सवाल पूछा कि यूपीए की सरकार ने इस बात की जांच क्यों नहीं कराई कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में किसने रिश्वत ली. भूपेंद्र यादव ने कहा कि अगस्ता को कांग्रेस सरकार ने पिछले दरवाजे से प्रवेश दे दिया.

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यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑपरेशनल जरूरतों को बदलते हुए अगस्ता को मौका दिया गया. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने 2013 में आई कैग रिपोर्ट को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया.

'सोनिया गांधी बेदाग'

वहीं भूपेंद्र यादव के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी की बारी आई. सिंघवी ने इस दौरान कहा कि इटली के जज ने साफ कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ इस मामले में कोई सबूत नहीं हैं. उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है.

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सिंघवी ने कहा कि देश में एक असुरक्षित शासन करने वाली पार्टी है, जो उन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप थोपना चाहती है, जिनका इससे कोई संबंध नहीं है.

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चर्चा के दौरान सिंघवी ने कहा कि इटली कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जिस एपी का जिक्र किया जा रहा है, मामले के गवाह ने उसे खारिज किया है.

सिंघवी ने कोर्ट के फैसले में कांग्रेस के आला नेताओं के जिक्र के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि चूंकि आपके मन में कुछ नामों को लेकर दुर्भावना है, इसका ये मतलब नहीं कि आप शुरुआती अक्षरों को उनसे जोड़कर देखें.   

सिंघवी ने कहा कि फरवरी 2014 में यूपीए सरकार ने कंपनी को प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. लेकिन आम चुनाव के बाद नई सरकार बनने से ये प्रक्रिया धीरे हो गई. 

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मोदी सरकार पर वार


सिंघवी ने इस दौरान कहा कि नई सरकार आने के बाद तीन जुलाई को मोदी सरकार ने प्रतिबंध लगाने का अंतरिम आदेश दिया. लेकिन बाद में एनडीए सरकार ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट से हटा दिया. 

सिंघवी ने कहा कि धोखेबाज और दागी कंपनी को मोदी सरकार ने 2015 में बेगलुरु में आयोजित एयर शो में हिस्सा लेने की इजाजत दी.

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सिंघवी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना ने एमआई-8 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर को बदलने की सलाह दी थी. उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी.

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सपा ने की बोफोर्स से तुलना


वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से रामगोपाल यादव ने चर्चा में हिस्सा लिया. रामगोपाल यादव ने कहा कि कहीं इस मामले का हश्र भी बोफोर्स जैसा ना हो.

रामगोपाल यादव ने कहा कि बोफोर्स मामले में भी कुछ निकलकर नहीं आया जबकि रक्षा सचिव की भी उस मामले में गिरफ्तारी हुई थी.

इस दौरान सपा सांसद ने कहा कि सरकार को जांच में तेजी लानी चाहिए. जिससे जनता को पता चल सके कि असल सच्चाई क्या है.

रामगोपाल यादव ने कहा कि मई 2014 में सरकार बनने के बाद मोदी सरकार ने ये क्यों नहीं पता लगाने की कोशिश की कि किसने पैसा लिया है.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच


बहुजन समाज पार्टी की ओर से पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने चर्चा में शिरकत की. मायावती ने इस दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.

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मायावती ने कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए. जिससे सच्चाई सामने आ सके.

First published: 4 May 2016, 16:08 IST
 
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