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सुप्रीम कोर्ट अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सुनवाई को तैयार, जानिए क्या है पूरा विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2016, 15:58 IST

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में कथित तौर पर रिश्वत लेने वालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है.

दिल्ली के वकील एमएल शर्मा ने गुरुवार को कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है जिसमें इटली कोर्ट के फैसले में आए नामों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई है. कोर्ट इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई करेगी.

भ्रष्टाचार के आरोप में अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ को सजा

मंगलवार को इटली की मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने फिनमेकैनिका के पूर्व प्रमुख गियूसेप्पे ओरसी को भारत से 3600 करोड़ रुपये में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के सौदे में भ्रष्टाचार के लिए साढ़े चार साल कैद की सजा सुनाई थी.

वहीं फिनमेकैनिका की हेलीकॉप्टर निर्माण इकाई अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पागनोलिनी को चार साल कैद की सजा सुनाई गई है.

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि कंपनी ने सौदा हासिल करने के लिए भारतीय अफसरों से लेकर शीर्ष नेताओं को रिश्वत दी.

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इटली के कोर्ट के 225 पन्नों की रिपोर्ट में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों का प्रमुखता से नाम है. इटली कोर्ट ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर निशाना साधा है. मीडिया में आई खबरों के अनुसार, कोर्ट ने आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार ने जांच में मदद के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं दिए.

कोर्ट  के फैसले में सोनिया गांधी, उनके राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, मनमोहन सिंह, तत्कालीन सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणनन के नाम का जिक्र है. दस्तावेज में किसी 'सिग्ननोरा गांधी' का जिक्र है.

इस सौदे में भारतीय नेताओं और अफसरों को 7.6 करोड़ डॉलर (करीब 445 करोड़ रुपये) रिश्वत देने का आरोप लगा है.

2010 में हुआ 12 हेलीकॉप्टरों का सौदा

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकनिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों का सौदा किया था. इसका इस्तेमाल भारत सरकार वीवीआईपी लोगों के लिए करने वाली थी. इससे पहले रूसी विमान मिग 8 और मिग 17 का इस्तेमाल होता था, जो काफी पुराने पड़ चुके थे.

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अगस्ता हेलीकॉप्टर में दो के बजाए तीन इंजन होते हैं. फिनमैकेनिका ने सौदे के बाद तीन हेलीकॉप्टरों को भारत को सौंपा था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस सौदे की एक तिहाई रकम कंपनी को भुगतान कर दिया गया था.

इटली के एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी अहम कंपनी फिनमैकेनिका अगस्ता वेस्टलैंड की सहयोगी कंपनी है और इसमें 30 फीसदी हिस्सेदारी इटली सरकार की है.

रिश्वत के आरोपों में फिनमैकेनिका के प्रमुख गिरफ्तार

फरवरी, 2013 में यह घोटाला पहली बार सामने आया जब फिनमैकनिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी को रिश्वत देने के आरोप में मिलान में गिरफ्तार किया गया था.

ओरसी के खिलाफ बीते कई महीनों से जांच चल रही थी और उन पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगा.

हंगामे के बाद संयुक्त संसदीय समिति का गठन, सीबीआई जांच के आदेश

ओरसी की गिरफ्तारी के बाद तुरंत बाद भारत सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. 27 फरवरी, 2013 को राज्यसभा में हेलीकॉप्टर घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था. जेपीसी में 20 लोकसभा के और 10 राज्यसभा के सदस्य थे जिन्हें तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी.

2014 में रद्द हुआ सौदा

एक जनवरी, 2014 को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया था. उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इंटीग्रेटी क्लाज के जरिए सौदा रद्द किया था.

यूपीए सरकार ने 2005 में इंटीग्रेटी क्लाज लागू किया था. इस क्लाज के अनुसार अगर किसी भी समय ये पता चले कि इसमें किसी दलाल का हाथ है तो सौदे को रद्द किया जाएगा और साथ ही पैसा वापस किया जाएगा. उस कंपनी से सभी संबंध तोड़े जाएंगे और उसे ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा.

सौदा रद्द होने के बाद यूपीए सरकार ने फिनमैकेनिका कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था.

पूर्व राज्यपाल एमके नारायणन और बीवी वांचू से पूछताछ

केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद जून, 2014 में अगस्ता डील में सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल एमके नारायणन और गोवा के राज्यपाल बीवी वांचू से 'बतौर गवाह' पूछताछ की थी.

सीबीआई द्वारा पूछताछ के कुछ दिनों बाद ही दोनों राज्यपालों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. सीबीआई के अनुसार नारायणन उस समूह में शामिल थे, जिसने हेलीकॉप्टर खरीदने से पहले निविदा प्रक्रियाओं को देखा था. राज्यपाल बनने से पहले नारायणन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे.

वहीं स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के पूर्व मुखिया वांचू 2005 में हुई उस बैठक में शरीक हुए थे, जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं में प्रमुख बदलाव की अनुमति दी गई थी.

First published: 28 April 2016, 15:58 IST
 
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