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अगस्ता वेस्टलैंड: सिंघवी ने बिखेरा सरकार का शिराजा

चारू कार्तिकेय | Updated on: 5 May 2016, 22:27 IST
QUICK PILL
  • सिंघवी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों का तर्कसंगत जवाब दिया. बचाव में सरकार की तरफ से रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक पूर्व लिखित प्रतिक्रिया पढ़ी, जो बेहद साधारण रही.
  • लगभग चार घंटे तक चली बहस के बाद भी देश को इस मामले में कोई खास जानकारी नहीं मिल पायी, क्योंकि दोनो ही पक्षों की तरफ से ज्यादातर तथ्य बिना किसी ठोस सबूत के रखे गए.

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पर संसद में हुई पहली बहस एनडीए सरकार के लिए निराशाजनक सिद्ध हुई. कांग्रेस नेता और प्रतिष्ठित वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस की ओर से सरकार पर तीखा हमला बोला. 

सिंघवी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों का तर्कसंगत जवाब दिया. बचाव में सरकार की तरफ से रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक पूर्व लिखित प्रतिक्रिया पढ़ी, जो बेहद साधारण रही. बहस में गर्मी डालने की उम्मीद जिन सुब्रमण्यम स्वामी से थी वे भी सरकार का बचाव नहीं कर पाए.

लगभग चार घंटे तक चली बहस के बाद भी देश को इस मामले में कोई खास जानकारी नहीं मिल पायी, क्योंकि दोनो ही पक्षों की तरफ से ज्यादातर तथ्य बिना किसी ठोस सबूत के रखे गए. हालांकि विपक्ष अपने वक्ताओं और उनके तर्कों के बल पर इस राजनैतिक लड़ाई को जीतता हुआ नज़र आया.

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बहस शुरू होने से पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी की तरफ से कुछ चौंकाने वाले तथ्य रखे जा सकते हैं जिनसे कांग्रेस की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. हालांकि ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला. सत्तारूढ़ पार्टी न तो कांग्रेस को दोषी ठहरा पायी न ही सिंघवी द्वारा रखे गए नये तथ्यों को गलत साबित कर पाई. सिंघवी को बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव के नीरस भाषण के तुरंत बाद बोलने का भी फायदा मिला.

क्या ये सारा मामला सशस्त्र सेनाओं का है ?

भूपेंद्र यादव ने अपना भाषण भारत की सशस्त्र सेनाओं का गुणगान के साथ शुरू किया, जो कि पूरी तरह गैरजरूरी था. बता दें कि ये पूरा मामला वीवीआईपी अधिकारियों के लिए हेलीकॉप्टर की खरीद-फरोख्त का है. दूसरी तरफ सिंघवी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने खराब गवर्नेंस से ध्यान भटकाने के लिए ये मुद्दा उछाला है.

सिंघवी ने कहा कि सरकार की दिशाहीन शासन प्रणाली से लोगों में मायूसी बढ़ रही है. इससे सरकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. जोरदार ढंग से अपनी बात रखते हुए सिंघवी ने कहा कि बहस इस बात पर नहीं है कि भ्रष्टाचार हुआ है, क्यूंकि दोनों पार्टियां इस बात पर सहमत हैं. 

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मुद्दा इस बात का है कि चापलूसी और आधारहीन आरोपों के जरिए चीजों को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है. उनके द्वारा बचाव पक्ष में कहीं गयी बातों को इन 8 बिन्दुओं से समझा जा सकता है.

  1. सोनिया गांधी को सारे आरोपों से मुक्त करने की कोशिश में सिंघवी ने इटालियन कोर्ट के जज के इंटरव्यू का हवाला दिया. उस इंटरव्यू में पूछे गए सवालों के जवाब में जज ने कहा है कि सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ उनके पास कोई सुबूत नहीं है.
  2. एपी नाम जो कि किसी नेता के नाम का पहला अक्षर है, के आधार पर अहमद पटेल को नीचा दिखाने की कोशिश की गई है. इंटरनेट पर अनैतिक तरीके से अहमद पटेल के खिलाफ चीजें फैलाई गईं. 
  3. सिंघवी ने सदन को याद दिलाया कि हवाला मामले में खुद अरुण जेटली ने यह तर्क दिया था कि किसी भी व्यक्ति के नाम का छोटा रूप साक्ष्य नहीं माना जा सकता. उस समय हवाला मामले में रामजेठमलानी, आडवाणी के तरफ से बचाव पक्ष में थे और जेटली उनकी सहायता कर रहे थे. इस पूरे मामले में आडवाणी के नाम का संक्षिप्त रूप एलकेए, लाभार्थिओं की लिस्ट में शामिल था. दिलचस्प बात यह है कि बहस के वक्त जेटली का सदन में न होना भी लोगों को खटक रहा था.
  4. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, जिनका नाम इस पूरे मामले में घसीटा गया है, वो कभी भी एम्मार एमजीएफ कंपनी के डायरेक्टर या शेयर होल्डर नहीं रहे हैं.
  5. सरकार के सारे दस्तावेजों का हवाला देते हुए सिंघवी ने कहा कि फरवरी 2014 में यूपीए सरकार ने ही फिनमेकैनिका को प्रतिबंधित करने की आधिकारिक शुरुआत की थी. फिनमेकैनिका अगस्ता वेस्टलैंड की मदर कम्पनी है. लेकिन एनडीए सरकार आने के बाद अरुण जेटली के रक्षामंत्री रहते हुए अगस्त 2014 में इस मामले में कई रुकावटें पैदा की गईं जिससे प्रतिबंध का मामला कमजोर हुआ.
  6. एनडीए सरकार यहीं नहीं रुकी. अगस्ता वेस्टलैंड को रोटोक्राफ्ट लिमिटेड नाम की भारतीय कम्पनी में विदेशी निवेश के लिए स्वीकृति भी दी गई.
  7. सिंघवी ने सदन को ये भी बताया कि फरवरी 2013 में यूपीए सरकार ने मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति बुलाई थी, पर उस वक्त बीजेपी ने इसे नकार दिया था. UPA सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड से नकद और दूसरे तरीकों से 3000 करोड़ की राशि को वसूलने के लिए कई कदम भी उठाए थे. 
  8. सिंघवी ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि अगस्ता वेस्टलैंड को यह सौदा मिले इसके लिए अगस्त 2002 में एनडीए सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्रा के हस्तक्षेप के कारण सौदे के कई नियमों को बदल दिया गया था.

सिंघवी के बाद जितने भी कांग्रेस नेताओं ने अपनी बात रखी, उन सभी ने सिंघवी की ही दलीलों को दोहराया जिनमें अहमद पटेल, आनंद शर्मा और पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी शामिल थे. अहमद पटेल, जो कि सरकार के मुख्य निशाने पर हैं, ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि अगर उनके ख़िलाफ़ आरोप सच साबित हो जाते हैं तो वो राज्यसभा से इस्तीफा देने के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन भी त्याग देंगे.

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जवाब देते हुए सिंघवी ने भाजपा नेता स्वामी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का सिरे से खारिज़ कर दिया. कांग्रेस के सारे सांसदों ने सिंघवी के द्वारा दिए गए तर्कों की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर किए. विपक्ष ने स्वामी पर आधारहीन तथ्य रखने का आरोप लगाया.

वहीं दूसरी ओर बाकी पार्टियों ने काफी सतर्कता बरतते हुए इस मुद्दे पर अपनी राय जाहिर की. 

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  • समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने तत्कालीन सरकार की पिछले दो सालों से कोई कदम न उठाने के लिए कड़ी आलोचना की.
  • जनता दल (यू) के शरद यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब उनके पास सारे अधिकार थे तो उसने कोई कड़ा कदम क्यों नहीं उठाया.
  • एनसीपी के माजिद मेनन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मामले में इटालियन कोर्ट द्वारा दिए गए तथ्यों को पूर्ण सत्य न मानते हुए पूरे मामले की जांच भारतीय कानून के अनुसार की जानी चाहिए.
  • तृणमूल कांग्रेस के सुवेंदु शेखर ने एंटनी पर आरोप लगाया कि रक्षामंत्री रहते हुए जब उनके पास 14 महीनों का वक्त था, तब उन्होंने इस मुद्दे पर कोई फैसला क्यों नहीं लिया. साथ ही उन्होंने कैग को भी घेरा.
  • बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने मामले की जांच सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने की मांग की.

First published: 5 May 2016, 22:27 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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