Home » इंडिया » ahmed patel rejects gujarat cm vijay rupanis allegations after arrest two ISIS suspect terrorist from surat
 

गुजरात: जानिए IS आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और कांग्रेस में क्यों छिड़ी जंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 October 2017, 11:33 IST

गुजरात के सूरत में बुधवार को दो संदिग्ध IS आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है. भाजपा और कांग्रेस इस मामले में एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयान दे रहे हैं. इसकी शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की तरफ से हुई.

गुजरात के सीएम विजय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के सीनियर नेता अहमद पटेल पर गंभीर आरोप लगाए. विजय रुपाणी ने कहा है कि जिस अस्पताल से आईएस के आतंकी को पकड़ा गया है, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल उस अस्पताल के ट्रस्टी हैं. आतंकी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए और पूरे मामले पर अपनी सफाई देनी चाहिए.

कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति न करने को कहा. अहमद पटेल ने ट्वीटर पर इसका जवाब दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आतंकवाद से लड़ते वक्त गुजरात के शांतिप्रिय लोगों को न बांटें. उन्होंने कहा कि आतंकियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

वहीं अपने सीनियर नेता और सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल पर गुजरात के सीएम के आरोपों के बाद कांग्रेस उनके बचाव में आगे आई. कांग्रेस प्रवक्त रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अहमद पटेल ने अस्पताल से साल 2014 में इस्तीफा दे दिया था, इसके बाद वो अस्पताल से नहीं जुड़े हैं. अस्पताल में काम करने वाला कोई शख़्स किसी आरोप में पकड़ा जाता है, तो साल 2014 के अस्पताल के ट्रस्टी को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है.

सीएम विजय रुपाणी के आरोपों के बाद अस्पताल ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की. अपनी प्रेस रिलीज मेंं अस्पताल ने कहा है कि कासिम उनके यहां काम करता था और उसकी नियुक्ति सभी नियमों के पालन के बाद हुई थी. अस्पताल के मुताबिक, चार अक्टूबर 2017 को कासिम नौकरी छोड़कर चला गया था. अस्पताल ने ये भी कहा कि अफवाह फैलाई जा रही है कि अहमद पटेल और उनका परिवार अस्पताल के ट्रस्टी हैं. इस अस्पताल के ट्रस्ट या मैनेजमेंट में अहमद पटेल या उनके परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है.

गौरतलब है कि अहमदाबाद के खाडिया इलाके में बम विस्फोट की योजना बनाने वाले दो आतंकियों को गुजरात एटीएस ने पकड़ा था. कासिम टिम्बरवाला ओर उबेद मिर्ज़ा दोनों आतंकी खाडिय़ा में धार्मिक स्थल को निशाना बनाने वाले थे. इनमें से एक संदिग्ध आतंकी अंकलेश्वर के एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में काम करता था. जबकि दूसरा संदिग्ध आतंकी ओबेद मिर्जा सूरत में वकील के रूप में प्रेक्टिस कर रहा था. 

First published: 28 October 2017, 11:33 IST
 
अगली कहानी