Home » इंडिया » AIMIM leader Asaduddin Owaisi says We have to respect the judgement. It is going to be a great herculean task to implement this on ground.
 

असदुद्दीन ओवैसी: तीन तलाक़ पर रोक को लागू करना बेहद चुनौतीपूर्ण

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2017, 16:11 IST

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए छह महीने की रोक लगा दी है. इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वो तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ संसद में क़ानून लाए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पर राजनेताओं की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है.

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तीन तलाक पर बडा़ बयान दिया है. उन्होंने कहा कि, वो कोर्ट के पैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि इस फैसले को लागू करना बहुत चुनौतीपूर्ण है.

पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा कि तीन तलाक़ पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है. इससे मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिलेगा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह शक्तिशाली पहल है. 

वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश की मुस्लिम महिलाओं को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट में कहा, "ये ऐतिहासिक फैसला नये युग की शुरुआत है. ये मुस्लिम महिलाओं के समानता के अधिकार और संवैधानिक अधिकार की विजय है."

गौरतलब है कि मंगलवार को तीन जजों जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस रोहिंगटन नरीमन और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए 3-2 के बहुमत से अपना फैसला सुनाया है, जबकि चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस अब्दुल नज़ीर ने इससे अलग रुख ज़ाहिर किया. सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने केंद्र सरकार से तीन तलाक़ पर संसद से कानून बनाने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को कानून बनाने के लिए अपने मतभेदों को किनारे रखते हुए केंद्र सरकार की मदद करनी चाहिए. मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने अपने फैसले में विचार व्यक्त किया कि केंद्र जो भी कानून बनाए उसमें मुस्लिम लॉ और शरियत की चिंताओं को भी शामिल किया जाए.

इसी साल मई के महीने में 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 6 दिनों तक इस मुद्दे पर ऐतिहासिक सुनवाई की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद 18 मई को इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 

First published: 22 August 2017, 16:11 IST
 
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