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एयरफोर्स में दाढ़ी नहीं रख सकते जवान, आफ़ताब अहमद की याचिका ख़ारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 December 2016, 13:54 IST
(फाइल फोटो )

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने एक अहम फैसले में कहा है कि भारतीय वायुसेना का कोई कर्मचारी दाढ़ी नहीं रख सकता है. पूर्व वायुसेना कर्मचारी अंसारी आफताब अहमद ने वायुसेना में नौकरी के दौरान दाढ़ी रखने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है.

क्या है पूरा मामला?

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं देने वाले एयरफोर्स के नियम का संबंध अनुशासन से है, न कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना.

वायुसेना के पूर्व कर्मचारी अंसारी ने सर्वोच्च अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा था कि दाढ़ी रखना धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकार का हिस्सा है. एयरफोर्स में बहुत से मुस्लिम भी काम करते हैं. वहां पर दाढ़ी न रखने का नियम है. यह नियम उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता है. ऐसे में एयरफोर्स को निर्देश दिया जाए कि मुस्लिम अधिकारियों को दाढ़ी रखने की अनुमति दे.

अहमद ने पहले कर्नाटक हाई कोर्ट में अपील की और फिर इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

इसके जवाब में वायुसेना की ओर से कोर्ट में बताया गया था कि सभी मुस्लिम दाढ़ी नहीं रखते हैं. दुनिया में कहीं नहीं कहा गया है कि दाढ़ी वाला शख्स मुस्लिम ही होगा. ऐसे में धार्मिक भावनाएं आहत होने का सवाल नहीं है. इंडियन एयरफोर्स में वायुसेना अधिनियम 1950 की धारा 22 के तहत लंबी दाढ़ी रखना मना है.

गौरतलब है कि इंडियन एयरफोर्स ज्वाइन करने के बाद अंसारी आफताब ने अपने कमांडिंग अफसर यानी सीओ से दाढ़ी बढ़ाने को लेकर अनुमति मांगी थी. उन्हें नियमों के मुताबिक इसकी इजाजत नहीं मिली, जिसके बाद अंसारी 40 दिन की छुट्टी पर चले गए और ड्यूटी पर दाढ़ी बढ़ाकर वापस लौटे. अंसारी को आईएएफ के नियम न मानने के लिए 2008 में नौकरी से हटा दिया गया. 

First published: 15 December 2016, 13:54 IST
 
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