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अगस्ता वेस्टलैंड: एंटनी का आरोप, वाजपेयी कार्यकाल में बदली टेंडर प्रक्रिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2016, 18:03 IST
अगस्ता वेस्टलैंड मामले में बीजेपी के निशाने पर चल रहे पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने आरोप लगाया है कि हेलीकॉप्टर की खरीदारी के लिए निविदा प्रक्रिया में बदलाव 2003 में ही शुरू हुआ था. जब राजग सरकार का शासनकाल था और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे.

पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कोच्चि में कहा, "विशिष्ट लोगों के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार के द्वारा 2002 में हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, वैश्विक निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अगस्ता वेस्टलैंड उपयुक्त नहीं था.

डील में ढील का आरोप


वो निविदा प्रक्रिया में तभी शामिल हो सका जब वायुसेना, रक्षा अधिकारियों की बैठक हुई. जिसका आयोजन तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बृजेश मिश्रा ने 2003 में किया और डील के लिए नियमों में ढील देने का निर्णय किया."

अगस्ता वेस्टलैंड की पसंद के घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए एंटनी ने कहा कि जब संचालन जरूरतों को तय किया गया, तो यह तय हुआ कि हेलीकॉप्टर को छह हजार मीटर की ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम होना चाहिए.

पूर्व रक्षा मंत्री एंटनी ने एरनाकुलम प्रेस क्लब की तरफ से आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहा, " ब्रजेश मिश्रा की अध्यक्षता में 2003 में आयोजित बैठक में संचालन जरूरत को कम करके 4500 मीटर की ऊंचाई कर दिया गया.

उस बैठक में हेलीकॉप्टर के केबिन की उंचाई को 1.80 मीटर जरूरी करने का निर्णय किया गया. इस फैसले से अगस्ता वेस्टलैंड को निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका मिल गया. तभी से बदलाव शुरू हो गया."

'सौदे पर पहले ही था संदेह'


एंटनी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वीवीआईपी के लिए हेलीकॉप्टर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई.

एंटनी ने दावा किया कि सौदे के बारे में उन्हें तभी संदेह हो गया, जब रक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने इटली की अदालत में मामले की कार्यवाही देखी.

एंटनी ने कहा, "मैंने कहा था कि सौदे में भ्रष्टाचार का संदेह है. इसको देखते हुए संप्रग सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में सीबीआई जांच का आदेश देने का निर्णय किया."

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिन लोगों में इस मामले में रिश्वत ली है उन पर मामला दर्ज होना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे यूडीएफ उम्मीदवारों का प्रचार कर रहे हैं.

पीएम मोदी पर निशाना


एंटनी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर पूरे मामले में भ्रम पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा, "आप देश पर शासन कर रहे हैं. कार्रवाई कीजिए. जितनी जल्दी हो मामले की जांच पूरी कीजिए. रिश्वत लेने और देने वालों को दंडित कीजिए."

यह पूछने पर कि क्या वो प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ के लिए तैयार हैं, तो एंटनी ने कहा, "मुझ पर रहम मत कीजिए. कानून के मुताबिक जो कार्रवाई कर सकते हैं कीजिए."

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कल एंटनी पर प्रहार करते हुए कहा था कि विदेशी कंपनी को 2010 में जब निविदा दी गई तब वो रक्षा मंत्री थे, इसलिए उन्हें जवाब देना है कि वीवीआईपी हेलीकॉप्‍टर आपूर्ति करने के विवादास्पद सौदे के पीछे कौन ताकत थी.

First published: 9 May 2016, 18:03 IST
 
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