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अस्थाना के करप्शन की जांच करने वाले CBI अफसर ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 October 2018, 12:13 IST

केन्द्रीय जांच ब्यूरो में चल रही उथल-पुथल के बीच सीबीआई के एक अफसर एके बस्सी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने खुद को अंडमान और निकोबार ट्रांसफर करने को चुनौती दी है. बस्सी सीबीआई के वही अफसर थे जो राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी मामले की जांच की अगुवाई कर रहे थे.

गौरतलब है कि एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाये जाने के बाद कई सीबीआई अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा की याचिका की सुनवाई करते हुए पिछले सप्ताह कहा था राव नागेश्वर राव कोई भी नीतिगत फैसले नहीं ले जा सकते हैं. अदालत ने राव लिए गए कुछ निर्णयों की जानकारी सीलबंद कवर में सौंपने को कहा था.

राकेश अस्थाना मामले की जांच कर रहे जिन अफसरों का तबादला किया गया है उनमे डीआईजी मनीश कुमार सिन्हा, डीआईजी तरुण गौबा, डीआईजी जसबीर सिंह, डीआईजी अनिश प्रसाद, डीआईजी केआर चौरासिया, राम गोपाल और एसपी सतीश डागर का नाम शामिल है. इसके अलावा अरुण कुमार शर्मा, एक साईं मनोहर, वी मुरुगेसन और डीआईजी अमित कुमार को स्थानांतरित कर दिया गया है. ये सभी सीबीआई के विशेष डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच करने वाली टीम का हिस्सा थे.

खुद को छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट ने भी आलोक वर्मा की याचिका स्वीकार कर ली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर रखी है. बता दें कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के भीतर बढ़ते टकराव को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को दखल देना पड़ा.

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First published: 30 October 2018, 12:13 IST
 
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