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विधानसभा चुनाव के पहले पंजाब में राजनीतिक हिंसा की छाया, तोहमत अकालियों के सिर

राजीव खन्ना | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
QUICK PILL
  • सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल की सरकार राज्य में राजनीतिक और अन्य तरह की हिंसा को लेकर कटघरे में है. विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
  • वहीं राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप में व्यस्त हैं. अकाली दल जहां पंजाब में बढ़ती हिंसा के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं वहीं विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि राज्य की अकाली सरकार लोगों को सुरक्षा देने में पूरी तरह से विफल रही है.

सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल की सरकार राज्य में राजनीतिक और अन्य तरह की हिंसा को लेकर कटघरे में है. विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ सकती हैं.

राज्य में हाल ही में आरएसएस के पदाधिकारी की हत्या हुई थी और अब राज्य की राजनीति आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जगरूप सिंह की हत्या से सन्न है. 

पुलिस ने जगरूप की हत्या के मामले में जगसेर सिंह सेरा समेत 13 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. जगरूप को कथित तौर पर संपत्ति के विवाद में गोली मारी गई. इस हमले में उनका भतीजा प्रीतपाल सिंह भी घायल हो गया. 

साथ ही पवित्र पुस्तकों को अपवित्र किए जाने का मामला भी हवा में है. हाल ही में जालंधर में हिंदू और सिक्ख धर्मग्रंथों के टुकड़े मिले थे. इसके अलावा जालंधर और किशनगढ़ में महाजन के उत्पीड़न से तंग आकर एक ही परिवार के चार सदस्यों के जहर खा लेने की भी घटना सामने आई है. कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि अजनाला में उसके पार्टी कार्यकर्ताओं पर अकाली के कार्यकर्ताओं ने हमला किया.

मोगा में भी अकाली सरपंच के द्वारा एक गर्भवती महिला पर हमला करने की खबर आई. वहीं पिछले कुछ महीनों के दौरान गैंर वार की भी खबरें आ रही हैं. पूरे राज्य मेंं हिंसा का चक्र चल रहा है और इसके लिए अकाली दल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

वहीं पवित्र पुस्तकों को अपवित्र किए जाने का मामला भी हिंसा की वजह रहा है. सबसे अहम बात इन मामलों में राज्य की कानून और व्यवस्था की मशीनरी का फेल होना है. अभी तक इन मामलों में अपेक्षित गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. 

राज्य में धार्मिक पंथ के नेताओं पर भी हमला हुआ है. मई में धर्मोपदेशक धादरीनवाले को गोली मार दी गई थी. हमले में हालांकि वह बच गए लेकिन उनके सहयोगी की मौत हो गई. उनकी कार को रोककर गोली चलाई गई थी और हमला करने वालों ने खालिस्तान के पक्ष में नारे लगाए.

कुछ दिनों पहले ही माता चंद कौर को भैनी साहिब में गोली मार दी गई. यह नामधारी संप्रदाय का मुख्यालय है. दोनों ही मामलों में अभी तक हमला करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. विश्लेषकों का कहना है इस तरह के हमले से समाज का धुव्रीकरण करने की कोशिश की जा रही है.

विश्लेषकों का कहना है चुनाव से पहले हिंसा की मदद से समाज का धुव्रीकरण करने की कोशिश की जा रही है.

पूर्व डीजीपी और राजनीतिक विश्लेषक शशिकांत ने कैच न्यूज को बताया कि आने वाला समय बेहद मुश्किल भरा है. उन्होंने कहा, 'मैं फिर से माफियाओं को उभरते हुए देख रहा हूं. कई राजनीतिक दल धु्रवीकरण में व्यस्त है. जिन मामलों में हत्यारों की पहचान कर ली गई उन्हें भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है और इसकी वजह दलों के साथ राजनीतिक मतभेद हैं.'

उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐेसी ही स्थिति चरमपंथ के दिनों में थी जब तीन तरह की ताकतें काम कर ही थीं. पहली ताकत विचारधारा से बंधे आतंकियों की थी और दूसरे माफिया और अपराधी थे जिन्होंने लूट मचा रखी थी. तीसरे वह लोग थे जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों का संरक्षण मिला हुआ था.

शशिकांत ने बताया, 'आगामी चुनाव तक स्थिति बद से बदतर हो जाएगी. इस दौरान पैसा, ड्रग्स और ताकत का बेजा इस्तेमाल होगा.'

राजनीतिक दल एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप में व्यस्त हैं. अकाली पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आरोप लगा रहे हैंं. उनका कहना कि पाकिस्तान राज्य की शांति व्यवस्था को खत्म करना चाहता है. 

वहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने हाल ही में कांग्रेस पर संवदेनशील मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में सांप्रदायिक हिंसा फैलाना चाहती है. इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया.

आम आदमी पार्टी के नेता बादल पर लोगों को सुरक्षा देने में विफल रहने का आरोप लगाकर हमला कर रहे हैं. पंजाब के सह प्रभारी जरनैल सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और अकाली कार्यकर्ता लोगों की हत्या कर रहे हैं. 

अाम आदमी पार्टी का कहना है कि अकाली दल के कार्यकर्ताअों को पुलिस ने खुली छूट दे रखी है.

सिंह ने कहा कि पुलिस आरोपियों का बचाव कर रही है. पार्टी ने इसके खिलाफ इंसाफ मोर्चा बनाने का फैसला लिया है ताकि राज्य के लोगों को सरकार की इस विफलता के बारे में बताया जा सके.

श्री गुरु ग्रंथ साहिब विवाद को लेकर उन्होंने कहा, 'क्या पुलिस ने अभी तक इस मामले में लोगों को गिरफ्तार किया. अगर वह ऐसा करती तो किसी की हिम्मत नहीं होती.'

पंजाब के कांग्रेस प्रेसिडेंट कैप्टन अमरिंदर सिंह बादल और सुखबी बादल पर लगातार हमले कर रहे हैं. उन्होंंने मौजूदा स्थिति के लिए पूरी तरह से बादल को जिम्मेदार ठहराया. 

उन्होंने कहा, 'बादल अपना नियंत्रण गंवा चुके हैं.' मात चंद कौर के हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किए जाने की विफलता का मामला उठाते हुए कहा, 'या तो यह जानबूझकर नजरअंदाज किए जाने का मामला है या फिर अकाली सरकार की पूर्ण विफलता है.' 

First published: 28 September 2016, 7:38 IST
 
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