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बूंद-बूंद को तरसते बुंदेलखंड में पानी भेजने पर सियासत !

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2016, 13:59 IST

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के लिए भेजी गई नीर रेल से पानी लेने से उत्‍तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ने मना कर दिया है.

सूखे की जबरदस्त मार झेल रहे बुंदेलखंड में पानी की विकट समस्या है. लेकिन अखिलेश सरकार का कहना है कि बुंदेलखंड में हालात लातूर जैसे नहीं हैं. 

लातूर जैसे हालात से इनकार


अखिलेश सरकार ने इस मामले में रेल मंत्रालय को भेजे अपने पत्र में कहा है कि हमारे यहां लातूर के जैसे हालात नहीं हैं. अगर भविष्य में हमें पानी की जरूरत हुई, तो हम रेलवे मंत्रालय को जरूर सूचित करेंगे.

वहीं बुंदेलखंड के जमीनी हालात बहुत ही बदतर हैं. पूरे इलाके में पानी की भारी किल्लत है. इलाके में पानी की कमी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यहां के कुछ किसान सूखे की वजह से कथित तौर पर आत्महत्या कर चुके हैं.

महोबा पहुंचनी थी नीर रेल


हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड के लिए नीर ट्रेन भेजने का फैसला लिया. इसके बाद रेलवे ने बुंदेलखंड के महोबा में पानी पहुंचाने की तैयारी कर ली थी.

रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने इस मामले में बताया कि यूपी के लिए पहली नीर रेल 5 मई की शाम को रवाना होकर, झांसी होते हुए 6 मई की सुबह महोबा पहुंचनी थी, लेकिन उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.

First published: 5 May 2016, 13:59 IST
 
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