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अखिलेश यादव: पॉलिटिक्स कोई खेल नहीं, शिवपाल यादव को बधाई और समर्थन

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 September 2016, 15:44 IST
(एएनआई)

यूपी में यादव परिवार के बीच मचा घमासान ठंडा होता नजर आ रहा है. शिवपाल यादव से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पांच दिन से चल रहे इस विवाद के पटाक्षेप पर मुहर लगाई है.

अखिलेश यादव ने कहा, "मैंने कभी भी राजनीति को एक खेल नहीं समझा जाता है. यह एक खेल नहीं है. उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने पर मैंने उन्हें (शिवपाल यादव) को बधाई दी है.

अखिलेश यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "हम सभी लोगों का बतौर सपा प्रदेश अध्यक्ष उन्हें पूरा समर्थन है. हम लोग मिल-जुलकर आगे बढ़ेंगे. पार्टी में कहीं कोई फूट नहीं है."

'राजनीति एक गंभीर काम'

सीएम अखिलेश यादव ने इस दौरान कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा, "हम सबको मिलकर काम करने की जरूरत है,ताकि विरोधियों को मौैका न मिले."

अखिलेश यादव ने साथ ही कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का आदेश सर्वमान्य है. राजनीति कोई खेल नहीं यह एक गंभीर काम है."

इस दौरान अखिलेश ने समाजवादी पार्टी में किसी तरह के विवाद से इनकार किया. अखिलेश ने कहा, "हम सभी एकजुट हैं. समाजवादी पार्टी में कोई झगड़ा नहीं है."

लखनऊ में शनिवार को अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के समर्थक आमने-सामने नजर आए. (एएनआई)

समर्थक आमने-सामने

इससे पहले शनिवार को सीएम अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के समर्थकों ने पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर अपने-अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी की. खास बात यह है कि इस दौरान पहली बार अखिलेश समर्थकों ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ नारेबाजी की.

सपा के चारों युवा संगठनों सपा छात्रसभा, लोहिया वाहिनी, युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर सपा मुख्यालय के सामने शिवपाल को हटाकर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी की. 

अखिलेश समर्थक सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आवास पर भी पहुंच गए. इस दौरान अखिलेश समर्थकों ने नेताजी यानी सपा सुप्रीमो के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की.  

मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा, "हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश जी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं."

सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश यादव के पक्ष में नारेबाजी की.

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने कहा, "नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश जी को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं."

अब अखिलेश यादव के ताजा बयान के बाद शिवपाल और उनके बीच का विवाद खत्म माना जा रहा है.

First published: 17 September 2016, 15:44 IST
 
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