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अखिलेश यादव: नारेबाजों से सावधान रहें चाचा शिवपाल, 'बाहरी' का दखल बर्दाश्त नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2016, 16:37 IST
(पीटीआई)

यादव परिवार में मचे घमासान के बीच यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर इशारों-इशारों में अमर सिंह पर निशाना साधा है. एक टेलीविजन चैनल के कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा कि उन्होंने और मुलायम ने यह तय किया है कि पार्टी और सरकार के मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इससे पहले भी अखिलेश कह चुके हैं कि बाहरी शख्स की वजह से गड़बड़ियां हुई हैं. अखिलेश ने न्यूज चैनल इंडिया टीवी के कार्यक्रम में पिछले दो दिन के दौरान चाचा शिवपाल यादव और पिता मुलायम सिंह यादव के साथ कथित तनातनी पर खुलकर विचार रखे.

'नौजवानों का फैसला ऐसा ही होता है'

अखिलेश ने इस दौरान शिवपाल यादव के अहम मंत्रालय छीनकर पर कतरने की वजह बताई, वहीं भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की दोबारा मंत्रिमंडल में वापसी के मुलायम के एलान की बात को मंजूर किया.

अखिलेश यादव शुक्रवार को मुलायम से मुलाकात के बाद टेलीविजन चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे थे. सपा में यादव परिवार की अंदरूनी कलह पर इस कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने पर्दा उठाया.

शिवपाल से विभाग छीनने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, "कभी-कभी उम्र कम होने से जोश में भी फैसले ले लिए जाते हैं. उम्र का तकाजा होता है. नौजवानों का फैसला कुछ ऐसा ही होता है." 

जब अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष का पद छीनने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया, "इसका रिएक्शन तो आप लोगों ने देखा ही होगा." 

अखिलेश ने कहा, "नेताजी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और साथ ही वह मेरे पिता भी हैं. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मेरा पद छीना है. बेटा होने के नाते मेरा दायित्व है कि मैं उन्हें खुश रखूं."

'झगड़ा कुर्सी का'

यादव परिवार में झगड़े के सवाल पर अखिलेश ने कहा, "मेरी वजह से परिवार में झगड़ा नहीं हो रहा है. झगड़ा सिर्फ इस कुर्सी का है. जिस पर मैं बैठा हुआ हूं. मुझसे जो कुछ मांगा जाएगा मैं दे दूंगा. मुख्यमंत्री पद मांगने वाला अच्छा होगा, तो मैं वह भी दे दूंगा."

दो दिन से चल रहे विवाद के बीच अखिलेश ने टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान शिवपाल को नसीहत भी दी. अखिलेश ने कहा, "चाचा नारेबाजी करवाने वालों से सावधान रहें. क्योंकि वे लोग नारेबाजी करवाकर भाग जाते हैं. जब मेरे खिलाफ नारा लगता है, तो मैं कान में हेडफोन लगाकर गाना सुनने लगता हूं." 

'एक भी हो सकता है बाहरी'

परिवार में बाहरी की दखलंदाजी के बयान पर जब अखिलेश से पूछा गया कि यह बाहरी कौन है? इस पर अखिलेश ने कहा, "एक भी हो सकता है." माना जा रहा है कि अखिलेश का इशारा अमर सिंह की तरफ है.

अखिलेश लंबे अरसे से अमर सिंह की पार्टी में वापसी का विरोध करते रहे हैं. हालांकि सपा सुप्रीमो के दबाव के बाद अखिलेश को झुकना पड़ा था. अखिलेश ने हालांकि अमर सिंह का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया.

इंडिया टीवी के कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने कहा, "मैंने और नेताजी ने तय किया है कि पार्टी और सरकार के मामलों से 'बाहरी लोगों' को दूर रखा जाएगा."

अखिलेश से सवाल किया गया कि क्या अमर सिंह को पार्टी से निकाला गया तो शिवपाल विरोध कर सकते हैं. इस पर अखिलेश ने कहा, "शिवपाल मेरे चाचा हैं और मुलायम सिंह यादव के भाई हैं. वह पार्टी के मुखिया के आदेश से बंधे हुए हैं."

टिकट बंटवारे में मांगा हक

अखिलेश ने कार्यक्रम के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर भी राय जाहिर की. अखिलेश ने आने वाले विधानसभा चुनाव को पार्टी के साथ ही अपने काम का फैसला करने वाला भी बताया.

अखिलेश ने कहा, "मुझे उम्मीदवारों को टिकट बांटने का अधिकार मिलना चाहिए. अगर पार्टी की परीक्षा है तो मेरी भी परीक्षा है. जब टिकट दिए जाएं तो मेरा भी कहना माना जाए और टिकट हमारे रास्ते से भी निकलें."

First published: 16 September 2016, 16:37 IST
 
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