Home » इंडिया » CM Akhilesh Yadav said, we are united and will make SP government in 2017
 

अखिलेश यादव: जैसा था वैसा है समाजवादी परिवार, एक होकर 2017 में बनाएंगे सपा सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 September 2016, 12:44 IST
(एएनआई)

सोमवार को करीबियों पर कार्रवाई के बाद आज यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उनके साथ चाचा शिवपाल यादव और कैबिनेट मंत्री आजम खान भी नजर आए.

तीनों ने एक साथ होकर समाजवादी परिवार में एकजुटता के संकेत दिए. दरअसल सोमवार को यूपी सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अखिलेश के सात करीबी नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे प्रतिक्रिया में अखिलेश भी कोई कदम उठा सकते हैं.

हालांकि मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने एक बार फिर साफ किया कि समाजवादी परिवार में कोई कलह नहीं है और पार्टी एकजुट है.

सीएम अखिलेश यादव ने कहा, "समाजवादी परिवार जैसा था वैसा ही है, हम सब एक होकर 2017 में सपा सरकार बनाएंगे." इस दौरान उनके अगल-बगल शिवपाल यादव और आजम खान भी रहे.

अखिलेश के सात करीबियों को निकाला

दरअसल शिवपाल यादव ने सोमवार को सात अखिलेश समर्थकों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था. इनमें समाजवादी पार्टी की चारों यूथ विंग (युवा इकाई) के चीफ शामिल हैं.

शिवपाल यादव की ओर से जारी समाजवादी पार्टी के पत्र में लिखा है, "निम्नलिखित पदाधिकारियों को माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने, पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने एवं अनुशासनहीन आचरण के कारण समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है."

पढ़ें: यादव पुराण समाप्त? मुलायम का जलवा, अखिलेश कठपुतली

अखिलेश समर्थक जिन सपा नेताओं को पार्टी से निकाला गया है. उनके नाम हैं- सुनील सिंह यादव (सदस्य विधान परिषद), आनंद भदौरिया (सदस्य, विधान परिषद), संजय लाठर (सदस्य, विधान परिषद), मोहम्मद एबाद (प्रदेश अध्यक्ष, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड), बृजेश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी युवजन सभा), गौरव दुबे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड) और दिग्विजय सिंह देव (प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी छात्रसभा).  

अखिलेश यादव के करीबी सात नेताओं को निकालने का खत सोमवार को शिवपाल यादव ने जारी किया.

लोहिया वाहिनी अध्यक्ष का इस्तीफा

इस तरह जिन अखिलेश समर्थकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उनमें सपा के तीन विधान परिषद सदस्य हैं. इसके अलावा समाजवादी पार्टी की युवा इकाई के चार अध्यक्ष भी शामिल हैं.

गौरतलब है कि शनिवार को अखिलेश यादव के समर्थन में सपा की यूथ विंग के नेताओं ने विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय और मुलायम सिंह यादव के आवास पर भी नारेबाजी की थी. बाद में अखिलेश के समझाने पर समर्थक वहां से हटे थे. इस दौरान एकबारगी शिवपाल और अखिलेश के समर्थक आमने-सामने भी हो गए थे.

पढ़ें: अखिलेश समर्थकों पर शिवपाल की सामूहिक गाज, तीन एमएलसी और यूथ विंग के चारों अध्यक्ष निकाले गए

कार्रवाई के बाद इस्तीफों की बाढ़ आ गई थी. लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके अलावा फैजाबाद समेत कई जिलों में युवा संगठनों ने नेताओं ने कार्रवाई के खिलाफ त्यागपत्र दिया था.

हालांकि अखिलेश यादव ने नेताजी की सहमति से कार्रवाई की बात कहते हुए युवा नेताओं से इस्तीफे न देने की अपील की. सोमवार को कुछ युवा नेता विरोध प्रदर्शन करते हुए टंकी पर भी चढ़ गए थे.

First published: 20 September 2016, 12:44 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी