Home » इंडिया » Akhilesh Yyadav sacks Balram Yadav for facilitating merger of Mukhtar Ansari's Party with SP
 

यूपी: मुख्तार अंसारी की पैरवी करने वाले मंत्री बलराम यादव बर्खास्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(यू ट्यूब)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री बलराम यादव को मंगलवार को मंत्रिमण्डल से बर्खास्त कर दिया. माना जा रहा है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल की सपा में विलय की पैरवी के लिए हुई है.

मंगलवार को लखनऊ में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की मौजूदगी में कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हो गया था. माफिया सरगना मुख्तार अंसारी इसी पार्टी के विधायक हैं. 

माध्यमिक शिक्षा मंत्री थे बलराम यादव

बलराम यादव की गिनती वरिष्ठ मंत्रियों में थी और उनके पास माध्यमिक शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी थी. यूपी के सीएम अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव से पहले काफी फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं.

यही वजह है कि जब कौमी एकता दल का सपा में विलय किया गया, तो उसमें अहम भूमिका निभाने वाले बलराम यादव का मंत्री पद छीन लिया गया. 

पढ़ें: मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय

हालांकि, यादव की बर्खास्तगी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन सपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कौमी एकता दल का सपा में विलय कराने में यादव की सक्रिय भूमिका से खफा थे, इसलिये उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.

कौमी एकता दल का सपा में विलय

कौमी एकता दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने दो दिन पहले बातचीत में कहा था कि बलराम यादव विधान परिषद और राज्यसभा के हालिया संपन्न चुनाव से पहले नौ जून को उनके आवास पर मिले थे और उनसे सपा का साथ देने को कहा था.

कौमी एकता दल पूर्वांचल में राजनीतिक प्रभाव रखने वाली पार्टी है. माफिया सरगना मुख्तार अंसारी मऊ सदर से जबकि सिबगतउल्ला अंसारी मुहम्मदाबाद सीट से पार्टी के विधायक हैं.

पढ़ें: खूब जमेगा रंग, जब मिल बैठेंगे मुलायम-मुख्तार संग

मुख्तार अंसारी हत्या समेत कई आरोपों में काफी अरसे से जेल में बंद हैं. कौमी एकता दल के सपा में विलय के बाद विपक्षी दलों को सपा की घेराबंदी करने का नया मौका मिल गया है.

First published: 22 June 2016, 10:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी