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केरल में शराब की ऑनलाइन बिक्री भी नहीं होगी, सूखा रहेगा इस बार ओणम

विशाख उन्नीकृष्णन | Updated on: 23 August 2016, 8:01 IST

शराब के शौकीन केरलवासियों को बता दें कि उनके लिए इस साल ओणम का उत्सव फीका रहेगा. उनके लिए बुरी खबर है कि वे ओणम का पर्व उस उमंग और तरंग से नहीं मना पाएंगे क्योंकि सरकार ने शराब की ऑनलाइन बिक्री के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. प्रदेश में उपभोक्ता सहकार की शीर्ष संस्था सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड ने बताया कि ओणम पर शराब की ऑनलाइन बिक्री के जिस प्रस्ताव को लाने की वह उम्मीद कर रही थी, सरकार ने उसे मानने से इनकार कर दिया है.

गौरतलब है कि ओणम केरल में चार दिन तक मनाया जाने वाला धार्मिक उत्सव है. केरल के पर्यटन मंत्रालय ने इस संबंध में एक वक्तव्य जारी किया है. इसमें कहा गया है कि, 'खबर के मुताबिक सरकार की उपभोक्ता संघ के माध्यम से शराब बेचने की योजना निराधार है. प्रस्ताव को सरकार ने स्वीकार नहीं किया है और इस तरह की हमारी कोई योजना भी नहीं है.'

प्रस्ताव पर विचार होने के संबंध में कुछ स्रोतों द्वारा खुलासा करने से पहले, 10 घंटे के भीतर सरकार ने उक्त निर्णय लिया. जो योजना अब बट्टे खाते में चली गई है वह कुछ इस तरह थी कि ऑनलाइन नाम दर्ज करवाने वाले उपभोक्ताओं को शराब के 59 ब्रांड्स बेचे जाएंगे.

उपभोक्ताओं के लिए शुरुआती प्रस्ताव यह था कि वे अपनी पसंद का ब्रांड ऑनलाइन बुक करवा सकते हैं और बाजार में खरीदने के लिए रसीद के साथ संपर्क कर सकते हैं.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को जानकारी देते हुए आबकारी मंत्री टीपी रामाकृष्णन ने कहा कि शराब की नीति को कमजोर करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता. पूर्व यूडीएफ सरकार की शराब नीति को मौजूदा सरकार कमजोर नहीं करना चाहती. हम संयम पर जोर डाल रहे हैं, जबकि पूर्व सरकार पूरी तरह से निषेध चाहती थी, जो हमारी नीति नहीं है.

हालांकि रामाकृष्णन ने इस तथ्य की ओर इशारा नहीं किया कि ऑनलाइन शराब बेचने की योजना को ठुकरा दिया गया है.

गुरुवार को उपभोक्ता संघ के अध्यक्ष एम महबूब ने कहा था कि केरल ओणम के मौके पर ऑनलाइन शराब बेचने की योजना बना रहा है. पर उसी दिन केरल के सहकारिता मंत्री एसी मोईद्दीन ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

आबकारी आयुक्त ऋषिराज सिंह ने कैच को बताया कि आबकारी विभाग शराब की ऑनलाइन बिक्री की बिलकुल स्वीकृति नहीं दे सकता. सिंह ने कहा, 'पहली बात तो यह कि हम उसी परिसर के लिए लाइसेंस देते हैं, जहां शराब बेची जा सकती है. दूसरे, इस बात का कोई भरोसा नहीं होता कि ऑनलाइन शराब खरीदने वाले की उम्र वैध है या नहीं. नियमों के मुताबिक रोगियों को शराब बेचने की अनुमति नहीं होनी चाहिए और यदि ऑनलाइन बेची जाती है, तो इसे जांचने का कोई तरीका नहीं है.'

सिंह ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यदि कोई भी दुकान ऑनलाइन शराब बेचती पाई गई, तो उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे. पूर्व यूडीएफ सरकार ने प्रदेश में 700 बार बंद कर दिए थे.

खास तौर पर इस ओणम कोई शराब नहीं! सूखा ओणम!

First published: 23 August 2016, 8:01 IST
 
विशाख उन्नीकृष्णन @sparksofvishdom

A graduate of the Asian College of Journalism, Vishakh tracks stories on public policy, environment and culture. Previously at Mint, he enjoys bringing in a touch of humour to the darkest of times and hardest of stories. One word self-description: Quipster

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