Home » इंडिया » Alert in Jammu Kashmir: Terrorist Group Jaish-E-Mohammed plans multiple suicide mission on 11th May in Jammu Kashmir
 

जम्मू-कश्मीर में बड़े आत्मघाती हमले की तैयारी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, घाटी में अलर्ट जारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 May 2020, 12:08 IST

Alert in Jammu Kashmir: एक ओर पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Corona Virus) का प्रकोप झेल रही है, वहीं दूसरी ओर आतंकी (Terrorist) अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने में लगे हैं. अब खबर आ रही है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जम्मू-कश्मीर में आत्मघाटी हमले की तैयारी कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक जैश के आतंकी 11 मई को घाटी में कई आत्मघाती हमलों को अंजाम देने की फिराक में हैं.

इस बात का पता चलते ही जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षाबलों (Security Forces) को अलर्ट जारी किया गया है. एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि, "जानकारी है कि ये आत्मघाती हमले हो सकते हैं. आतंकी जम्मू-कश्मीर में सेना और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों को निशाना बना सकते हैं." कहा जा रहा है कि इस आतंकी हमले की वजह भारतीय सेना द्वारा अप्रैल महीने में 28 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारना है. बता दें कि भारतीय सेना के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में घुसपैठ कर रहे या आतंकी हमले की तैयारी कर रहे करीब 28 आतंकयों को अप्रैल महीने में मार गिराया. जिससे आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं और बदला लेने के लिए घाटी में आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहे हैं.


अधिकारी का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर लंबे समय से बीमार है और इस वजह से कई महीनों से संगठन की गतिविधियों से दूर है. उसकी जगह उसका भाई मुफ्ती अब्दुल असगर आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को देख रहा है. भारतीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर ने शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके रावलपिंडी में इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस के अधिकारियों के साथ एक बैठक की.

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कश्मीर के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि, जैश ने हमलों के लिए 11 मई का विकल्प रमजान के 17वें दिन के साथ मेल खाने के लिए चुना गया है. बता दें कि इस्लाम के शुरुआती दिनों में इसी दिन सऊदी अरब में कुछ सैनिकों ने बद्र की लड़ाई लड़ी थी और इसे जीता भी था.

इतिहास में इसे इस्लाम के शुरुआती दिनों में बड़ी जीत और एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है. खुफिया अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक महीने के दौरान पाकिस्तान की सेना द्वारा समर्थित घुसपैठ की कोशिशें की गईं, जिसके बाद माना जा रहा था कि जैश ऐसी कोई योजना बना सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि करीब लगभग 25-30 जैश आतंकवादी पाकिस्तान की सेना की मदद से कश्मीर घाटी में घुसने में कामयाब हो गए हैं. खुफिया रिपोर्टों में इस बात के संकेत मिले हैं कि जैश के 70 से अधिक आतंकी लीपा घाटी के जरिए आने वाले कुछ हफ्तों में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं.

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First published: 3 May 2020, 12:08 IST
 
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