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केजरीवाल की चुप्पी ने बढ़ाई पंजाब में आप की मुश्किलें  

राजीव खन्ना | Updated on: 31 August 2016, 7:37 IST
(कैच न्यूज)

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पंजाब में पार्टी के लिए मुसीबत बनती जा रही है. पार्टी की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों के बीच तलवारें तन गई हैं क्योंकि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जनता के बीच बेमतलब की बयानबाजी करते रहते हैं. ऐसे में पार्टी आलाकमान की चुप्पी से विरोधी दलों कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को बैठे बिठाए काफी मुद्दे मिल गए हैं.

पार्टी में ताजा उथल-पुथल उस समय शुरू हुई जब गत सप्ताह पार्टी संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर को उनके पद से हटा दिया गया. उसके बाद से ही पार्टी में उठी हलचल को थामना मुश्किल हो चला है.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि छोटेपुर को पार्टी से हटाए जाने की घोषणा केजरीवाल को स्वयं करनी चाहिए थी, क्योंकि वे पार्टी की पंजाब इकाई में वरिष्ठतम सदस्य थे, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

इसी प्रकार केजरीवाल को स्वयं पर लगे इन आरोपों के बारे में भी स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने छोटेपुर से कहा कि क्या हो जाता अगर वे पार्टी के युवा घोषणा पत्र के उस कवर को देखने के बारे में झूठ बोल देते जिस पर पार्टी का प्रतीक चिन्ह झााड़ू बना था और पृष्ठभूमि में स्वर्णमंदिर दिखाई दे रहा था.

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अब जबकि छोटेपुर पार्टी से निकाले जा चुके हैं तो उन्होंने एक और खुलासा कर दिया है कि संगरूर सांसद भगवंत मान क्रिकेटर और भाजपा से राज्यसभा सदस्य रह चुके नवजोत सिंह सिद्धू को आप में शामिल होने से रोकने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक जगतार सिंह ने इस परिदृश्य पर कहा, ‘आलाकमान केजरीवाल और पार्टी पदाधिकारियों में से किसी ने पंजाब में पार्टी की इस स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है और पंजाबियों को एक-दूसरे से लड़ने के लिए छोड़ दिया है. लड़ाइयों की पृष्ठभूमि वाले पंजाबी अच्छे लड़ाका तो हैं ही.’

डेरा बाबा नानक और दीना नगर में आप गुटों के बीच संघर्ष रोकने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा था

पंजाब में अब यह साफ-साफ दिखाई दे रहा है. छोटेपुर के समर्थकों ने कथित तौर पर गुरदासपुर के कलानूर में केजरीवाल का पुतला जलाकर उनके खिलाफ नारेबाजी की थी. इसके जवाब में आप कार्यकर्ताओं ने सीमावर्ती कस्बे डेरा बाबा नानक में विरोध प्रदर्शन किया.

गुरदासपुर छोटेपुर का अपना क्षेत्र हुआ करता था. ऐसी खबरें भी आई हैं कि डेरा बाबा नानक और दीना नगर में आप गुटों के बीच संघर्ष रोकने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा था.

छोटेपुर के जाने के मायने 'आप' के लिए बहुत बड़े हैं

पार्टी छोड़ चुके लोगों द्वारा बाहर से और पार्टी के ही कुछ सदस्यों द्वारा पार्टी को रिमोट कंट्रोल से चलाने का मसला गहराता जा रहा है. आप विरोधी इसके खिलाफ सिखों के अस्तित्व का संवेदनशील कार्ड खेल रहे हैं और पार्टी को इस जंग में कूदना ही होगा, इससे पहले कि यह पार्टी के लिए कोई बड़ी मुसीबत बन जाए.

केजरीवाल और आप पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए शिरोमणि अकाली दल ने कहा है कि केजरीवाल को अपनी ही पार्टी के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देना ही चाहिए. उन्होंने पंजाबी और सिखों के बीच लड़ाई करवा दी है और सदियों पुरानी ‘बांटो और राज करो’ की नीति का इस्तेमाल करते हुए खुद राज्य में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनना चाहते हैं.

अकाली दल के महासचिव हरचरण सिंह बैंस ने कहा, ‘पंजाब को पंजाबियों का ही रहने दो; यूपी के गैगस्टर या उनके हरियाणवी प्रमुख को पंजाबी अपने ऊपर राज नहीं करने देंगे और पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए केजरीवाल को भाई-भाई को लड़ाने की साजिश बंद करनी होगी, विशेषकर अगर पंजाब में शासन करना है तो.’

केजरीवाल को भाई-भाई को लड़ाने की साजिश बंद करनी होगी, विशेषकर अगर पंजाब में शासन करना है तो

इसी दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए अकाली दल ने भारतीय चुनाव आयोग से मांग की है कि वह आप द्वारा किए जा रहे चुनावी नियमों के उल्लंघन की जांच करे. यह मांग इस खुुलासे के बाद आई है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए टिकट वितरण के लिए अपने एजेंटों की संख्या बढ़ा रही है.

पार्टी सांसदों सुखदेव सिंह ढींडसा, बलविंदर सिंह भुंदर, हरसिमरत कौर बादल, प्रेम सिंह चंदू माजरा, नरेश गुजराल, रंजित सिंह ब्रह्मपुरा और शेर सिंह घुभैया ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह छोटेपुर द्वारा किए गए खुलासों की जांच करे और राष्ट्रीय राजनीति के लिए आप को अयोग्य करार दे.

कांग्रेस नेतृत्व भी खुल कर आप पर हमले कर रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केजरीवाल से मांग की है कि वे छोटेपुर द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दें कि उन्होंने सिख धर्म का अपमान किया और उनसे यह भी कहा कि कैसा रहे अगर उन्हें अकाल तख्त से निकाल दिया जाए.

अमरिंदर ने कहा, जो केजरीवाल उच्च आदर्शों की बातें करते रहे हैं. उन्हें आज आयकर विभाग को चूना लगाने के एवज में 9.2 लाख रूपए का भुगतान करना पड़ रहा है.

अमरिंदर ने केजरीवाल पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, एक ओर जहां, उन्होंने आप की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पवित्तर सिंह द्वारा किए गए खुलासे पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की कि संजय सिंह और दुर्गेश पाठक ने उनकी पत्नी को फिल्लौर विधानसभा टिकट देने के बदले 50 लाख रूपए की मांग की, वहीं दूसरी ओर छोटेपुर को इस बात के लिए बर्खास्त करने में कोई समय नहीं लगाया कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता से चंदा ले लिया था.

भगवंत मान के आरोप कि प्रदेश कांग्रेस भी दिल्ली से ही चलाई जाती है, पर अमरिंदर ने कहा, कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, जिसका कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय स्वरूप है. परन्तु नियंत्रण की बात अलग, वे राज्य के मामलों में दखल नहीं देती हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ही राज्य के मामलों को संभालते हैं. और मैं आपको बता दूं कि केजरीवाल की तरह सोनिया गांधी ने कभी पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की कोशिश नहीं की.

फिलहाल अब तक आप का स्थानीय नेतृत्व ही छोटेपुर के आरोपों का जवाब दे रहा है. शेरगिल ने उनसे पूछा है कि एक सच्चे सिख होने के नाते वे आज तक केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्यों चुप रहे. अब इस वक्त केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाना यह दर्शाता है कि जब वह 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते कैमरे मे पकड़े गए तो उन्होंने खुद पर से ध्यान हटाने के लिए केजरीवाल पर निराधार आरोप लगाए.

First published: 31 August 2016, 7:37 IST
 
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