Home » इंडिया » All universities will have the same entrance test for graduates from next year
 

University Entrance Exam: देश के सभी विश्वविद्यालयों में अगले साल से एक ही प्रवेश परीक्षा

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 September 2020, 8:56 IST

University Entrance Exam: मोदी सरकार (Modi Government) नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत अगले साल से देश के सभी विश्वविद्यालयों (Universities) में स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए एक संयुक्त परीक्षा कराने की दिशा में काम कर रही है. दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अगले साल यानी 2021 से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक में प्रवेश के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा (CBT) कराने की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार इसके तहत सामान्य डिग्री के लिए एक परीक्षा का आयोजन कराएगी.

वहीं दूसरी परीक्षा विज्ञान, मानविकी, भाषा, कला और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर आधारित विषयों में दाखिले के लिए होगी. जो कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट के तहत होगी. इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन साल में एक या दो बार कराया जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को दी गई है. प्रवेश परीक्षा की योजना बनाने में विश्वविद्यालयों की भी राय ली जाएगी. इसके साथ ही नई नीति में उच्च शिक्षा में भी बदलाव किए जा रहे हैं. यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई की बजाय उच्च शिक्षा के लिए पूरे देश में एक नियामक बनाने पर काम चल रहा है.


Time 100 most influential people: शाहीनबाग की दादी दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल

सभी तकनीकी और सामान्य विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम और प्रोग्राम की समीक्षा की जाएगी. साथ ही नए विषयों के तहत प्रवेश परीक्षा की रूपरेखा तय की जाएगी. इसमें तीन और चार साल की डिग्री वाले प्रोग्राम होेंगे. इसी के तहत विशेष विषयों के लिए अलग प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा. एक प्रवेश परीक्षा कराने से ये होंगे फायदे- देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा कराए जाने से कटऑफ के भार के साथ-सााथ अलग-अलग आवेदन करने से निजात मिल जाएगी. इसके साथ ही एक प्रवेश परीक्षा से छात्रों और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी.

Monsoon Session : संसद में तीन श्रम सुधार विधेयकों को मंजूरी, सरकार की अनुमति के बगैर कंपनियां कर पाएंगी छंटनी

इससे डीयू जैसे विश्वविद्यालयों में सौ फीसदी कटऑफ और अलग-अलग आवेदन तथा प्रवेश परीक्षा से भी निजात मिलेगी. अब एक आवेदन पर सभी विश्वविद्यालयों में दाखिले, डिग्री प्रोग्राम, फीस, सीट आदि की जानकारी मिल सकेगी. इस योजना के पहले चरण में देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाएगा. इसके बाद अन्य विश्वविद्यालय और कॉलेजों को जोड़ा जाना है. इसके लिए बाकायदा सरकार राज्य सरकारों के साथ बैठक करेगी ताकि सही जानकारी दी जा सके.

COVID-19 : 28 सितंबर से चीन में विदेशियों की एंट्री शुरू, इन लोगों को मिलेगी आने की अनुमति

Union Minister Suresh Anghadi passed away: केंद्रीय रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन

बता दें कि नई शिक्षा नीति-2020 को जुलाई में कैबिनेट की मंज़ूरी मिल गई थी. इससे पहले साल 1986 में शिक्षा नीति लागू की गई थी. 1992 में इस नीति में कुछ संशोधन किए गए थे. यानी इस साल 34 साल बाद देश में एक नई शिक्षा नीति लागू की जा रही है. पूर्व इसरो प्रमुख के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति ने इसका मसौदा तैयार किया था. नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं.

Fire in ONGC gas plant in Surat: सूरत में ओएनजीसी गैस प्लांट में लगी भीषण आग, दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में लगीं

First published: 24 September 2020, 8:56 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी