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गोरखपुर दंगा मामला: हाईकोर्ट ने योगी आदित्यनाथ को दी क्लीन चिट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 February 2018, 15:29 IST

गोरखपुर दंगा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को क्लीन चिट दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि गोरखपुर दंंगा मामले में योगी आदित्यनाथ पर कोई मुकदमा नहीं चलेगा. हाईकोर्ट ने मुकदमे की याचिका अर्जी को खारिज कर दिया है.

लगभग 11 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज करने के साथ इसकी सीबीआई जांच की मांग पर विचार करने से इंकार कर दिया. हाईकोर्ट ने सीएम योगी के खिलाफ साल 2007 में गोरखपुर के दंगे को भड़काने के आरोप को मानने से इंकार कर दिया. साथ ही कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को भी खारिज कर दिया.

जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस एसी शर्मा ने यह आदेश दिया. इस मामले में योगी आदित्यनाथ के साथ ही तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी, विधायक राधा मोहन अग्रवाल व अन्य को भी बड़ी राहत मिली है. इनमें से किसी के खिलाफ अब कोई केस दर्ज नहीं होगा.

बता दें कि साल 2007 में 26 व 27 जनवरी की रात में मोहर्रम जुलुस निकल रहा था. जुलूस में अचानक से दो पक्षों में विवाद हो गया था. कोतवाली थानाक्षेत्र के झंकार सिनेमा के पास पुलिस की गाड़ी से खींचकर राजकुमार अग्रहरि की गुस्साई भीड़ ने चाकू मारकर हत्या कर दी. मामले ने अचानक सांप्रदायिक रंग ले लिया.

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इसके बाद पूरे जिले में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया. महाराणा प्रताप चैराहा पर बीजेपी के बड़े नेताओं की अगुवाई में सभा हुई. कहा जाता है कि इस सभा में भाजपा के वक्ताओं ने भड़काऊ भाषण दिया. भड़काऊ भाषण देने वालों में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ भी थे.

योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगा कि उनके भाषण के बाद ही दंगे भड़के थे. इस दंगे में राशिद नाम के एक युवक की भी जान गई. याचिकाकर्ता परवेज परवाज के अनुसार, वह भाषण के दौरान वहां से गुजर रहे थे.

वादी परवेज परवाज ने कैण्ट इंस्पेक्टर को तहरीर देकर विवादित बयान देने और उसके बाद भड़के दंगे में हुई राशिद की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज करने की अपील की. थाने में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वादी परवेज परवाज ने न्यायालय की शरण ली.

इसके बाद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने एवं उन्माद फैलाने की धाराओं सहित 302, 153ए, 153बी, 295, 295बी, 147, 143, 427, 452 के तहत कैण्ट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया.

First published: 22 February 2018, 15:30 IST
 
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