Home » इंडिया » Allahabad University: Richa Singh alleges mental harassment by administration
 

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: छात्रसंघ अध्यक्षा ऋचा सिंह का एडमिशन विवादों में

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की पहली महिला छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के एडमिशन पर विवाद खड़ा हो गया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि ऋचा सिंह के एडमिशन में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया है.

हालांकि ऋचा सिंह का कहना है कि उनका एडमिशन आरक्षण के नियमों और हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप है.

यूनिवर्सिटी प्रशासन से ऋचा सिंह के दाखिले में गड़बड़ी का आरोप छात्रसंघ अध्यक्ष के चुनाव में उनसे हारने वाले प्रतिद्वंदी  रजनीश सिंह ने लगाया था, जिसके बाद वीसी एके हांगलू ने डीन आर्ट्स ए सत्यनारायण की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी.

कमेटी जांच के मुताबिक ऋचा सिंह को मार्च 2014 में डीफिल में आरक्षित सीट पर दाखिला दिया गया था, जो गलत है. ऋचा सिंह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में ग्लोब्लाईजेशन एंड डेवलपमेंट स्टडीज में डीफिल कर रहीं हैं.

ऋचा सिंह ने यूनिवर्सिटी की जांच कमेटी की रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है. मैंने यूनिवर्सिटी स्तर पर होने वाली कई गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई थी जिसके चलते अब मेरे साथ वैसा सलूक किया जा रहा है जैसा हैदराबाद यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला के साथ हुआ था.

ऋचा का कहना है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी में छात्रों के हित में आवाज उठाई, वीसी और वीसी के ओएसडी की नियुक्ति को चुनौती दी, योगी आदित्यनाथ जैसी लोगों को यूनिवर्सिटी में प्रवेश करने से रोका, जिसके चलते एबीवीपी और केंद्र सरकार के निशाने पर है और अब उन्हें यूनिवर्सिटी से ही निकालने की साजिश की जा रही है.

First published: 5 March 2016, 4:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी