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अपोलो किडनी रैकेट का मास्टरमाइंड कोलकाता से गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2016, 10:46 IST

दिल्ली में किडनी रैकेट का भंडाफोड़ होने के चार दिन बाद मंगलवार को दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली. पुलिस ने इस रैकेट के सरगना माने जा रहे टी राजकुमार राव को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया.

उसे ट्रांजिट रिमांड पर आज दिल्ली लाया जा रहा है. इससे पहले मंगलवार को इस मामले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का कहना है कि इस मामले में 10 डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी. 

सरगना राजकुमार राव गिरफ्त में

मंगलवार को चारों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल नौ लोग गिरफ्त में आ गए हैं. दक्षिण-पूर्व क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त आर पी उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार देर शाम करीब 40 साल के राव को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया.

उसे नेपाल, श्रीलंका और इंडोनेशिया में इसी तरह के गिरोहों से जुड़ा माना जाता है. जालंधर, कोयंबटूर और हैदराबाद में इसी तरह के गिरोह चलाने के लिए जांच के घेरे में आए राव की पहचान रैकेट में बिचौलिये से पूछताछ के बाद हुई.

उसकी तलाश में कई राज्यों में पुलिस दल भेजने के बाद गिरफ्तारी के रूप में सफलता मिली.

10 डॉक्टरों से पूछताछ मुमकिन

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए आंतरिक आकलन समिति में शामिल सभी दस डॉक्टरों से इस मामले में अब पुलिस पूछताछ की तैयारी कर रही है.

पढ़ें: दिल्ली: अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट का भंडाफोड़

समिति में अस्पताल में काम करने वाले वरिष्ठ डॉक्टर, स्वतंत्र डॉक्टर और एक सरकारी डॉक्टर शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को गिरोह से जुड़े राजधानी के एक वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट के नाम की भी जानकारी मिली है.

संदेह है कि किडनी प्रत्यारोपण की व्यवस्था गिरोह से जुड़े लोगों ने की, जबकि किडनी प्रत्यारोपण अपोलो अस्पताल के डॉक्टर ने किया. हालांकि अभी तक नेफ्रोलॉजिस्ट की मंशा साबित करने का कोई साक्ष्य हाथ नहीं लगा है.

दिल्ली से तीन गिरफ्तारी

इससे पहले मंगलवार दिन में पुलिस ने एक विवाहित जोड़े के साथ ही एक महिला को भी गिरफ्तार किया.  सभी की पहचान रैकेट से जुड़े किडनी डोनरों के तौर पर की गयी है. गिरफ्तार लोगों की पहचान कानपुर के रहने वाले पति-पत्नी उमेश और नीलू के तौर पर हुई.

साथ ही तीसरी महिला की पहचान पिछले हफ्ते गिरफ्तार पांच आरोपियों में से एक की पत्नी ममता उर्फ मौमिता के तौर पर की गई है. पुलिस पूछताछ के दौरान उमेश और नीलू ने बताया है कि वे लोग किडनी रैकेट के तहत एक विशेष गिरोह के लिए काम करते थे.

बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्यों ने तीनों डोनरों को किडनी देने के लिए साढ़े चार-चार लाख रुपए दिए थे. पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने अपनी किडनी बेची क्योंकि उन्हें अपने नाबालिग बेटे के पैर की सर्जरी के लिए पैसे की तत्काल जरूरत थी. 

अप्रैल-मई में तीन किडनी का सौदा

पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई कि तीनों ने दूसरे नाम से किडनी डोनेट किया था. उमेश ने अप्रैल में जबकि ममता और नीलू ने मई में किडनी डोनेट किया था. हालांकि पुलिस अभी नामों पर अपनी मुहर नहीं लगा रही है.

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जांच से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि जब उन्हें अपनी किडनी बेचे जाने की वास्तविक कीमत पता चली, तो उन्होंने खुद को ठगा महसूस किया.

तीसरी आरोपी ममता ने दरअसल पुलिस को किडनी रैकेट तक पहुंचाया. जिस दिन इस मामले का भंडाफोड़ हुआ था, उस दिन ममता को अपने पति देवाशीष मौलिक के साथ तीखी नोंकझोंक करते देखा गया था.

दंपति के झगड़े से खुली पोल

जब पुलिस मामले में फोन आने के बाद वहां पहुंची तो वह पूरा मामला सुनकर हक्की-बक्की रह गई. ममता ने देवाशीष पर अपनी किडनी बेचे जाने के बाद मिली राशि को लेकर ठगे जाने का आरोप लगाया.

अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि देवाशीष ने पहले खुद की किडनी देने की पेशकश की थी, लेकिन शारीरिक रूप से योग्य नहीं पाए जाने के बाद उसने अपनी पत्नी को ऐसा करने के लिए मना लिया.

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की तीन विशेष टीम सोमवार को देर रात कोलकाता और बिहार के लिए रवाना हुई है. टीम के सदस्य इस दौरान कोलकाता और बिहार के कुछ शहरों में उन मरीज और डोनरों की तलाश करेंगे, जिन्होंने इस गिरोह के सदस्यों से संपर्क कर किडनी प्रत्यारोपण कराया था.

अब तक 10 गिरफ्तार

इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारी होनी तय है. शुक्रवार को दिल्ली के प्रतिष्ठित अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था.

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने छापा मारकर दो महिलाओं सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया था. जिनमें दो अपोलो अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल थे.

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोग पहले भी किडनी रैकेट से जुड़े रहे थे. इससे पहले भी चार बार वो किडनी बेच चुके हैं. पूछताछ में पता चला था कि तस्करों के द्वारा किडनी को 5-6 लाख रुपये में बेच दिया जाता था.

First published: 8 June 2016, 10:46 IST
 
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