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क्यों है देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के दो अफसरों के बीच टकराव ?

सुनील रावत | Updated on: 22 September 2018, 15:35 IST

देश की सबसे बड़ी प्रीमियर जांच एजेंसी सीबीआई में टकराव फिर से खुलकर सामने आ गया है. एजेंसी ने अपने निदेशक आलोक वर्मा का बचाव किया है और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के इरादों के बारे में सवाल उठाए हैं. सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि निदेशक अलोक वर्मा उनके कामकाज को रोक रहे हैं.

सीबीआई ने कहा है कि केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने सीबीआई के विशेष निदेशक द्वारा दायर शिकायत के आधार पर सीबीआई से कुछ मामलों से सम्बंधित फाइलों की मांग की है. केंद्रीय सतर्कता आयोग के पत्र के जवाब में सीबीआई के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने बताया है कि यह शिकायत शिकायतकर्ता द्वारा सीबीआई के अधिकारियों को डराने का प्रयास है.

सीबीआई ने कहा उनकी  (राकेश अस्थाना) कम से कम आधे दर्जन मामलों में भूमिका की जांच हो रही है. एजेंसी ने एक बयान में कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सही तरीके से जांच किए बगैर सीबीआई के निदेशक की छवि खराब करने और संगठन के अधिकारियों को धमकाने के लिए सार्वजनिक तौर पर निराधार और तुच्छ आरोप लगाए जा रहे हैं'.

सीबीआई ने सीवीसी को अपने पत्र में बताया है कि भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड पर्यटन कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) मामले से संबंधित मुद्दा पहले भी उठाया गया था और दो मौकों पर सुप्रीम कोर्ट के सामने लाया गया था, जिसने इस मामले को खारिज कर दिया था.

अस्थाना ने सीवीसी को पत्र में यह भी आरोप लगाया कि वर्मा ने आईआरसीटीसी निविदा जारी करने के मामले में चल रही जांच में पिछले साल राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ छापेमारी से रोका था. इसके जवाब में सीबीआई ने कहा कि आईआरसीटीसी मामले में आरोपी के खिलाफ छापे को रोकने का आरोप बिल्कुल झूठा है. मामले की जांच के परिणामस्वरूप नामित अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

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आलोक वर्मा को जब सीबीआई का निदेशक बनाया गया था तब उन्होंने अपने करीबी अधिकारियों को सीबीआई में लाने कोशिश की थी. वर्मा के डायरेक्टर बनने से पहले गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर राकेश अस्थाना पूर्णकालिक एक्टिंग डायरेक्टर के रूप में सीबीआई का काम देख रहे थे और उन्होंने नए अधिकारियों को सीबीआई में रखे जाने का विरोध किया था.

राकेश अस्थाना को भी स्पेशल डायरेक्टर बनाए जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने याचिका दायर की थी. प्रशांत भूषण का कहना था कि राकेश अस्थाना का नाम स्टर्लिंग बायोटेक मामले की डायरी में दर्ज है. इस मामले की सीबीआई ने खुद एफआईआर दर्ज की है. ऐसे में सीबीआई में राकेश अस्थाना की नियुक्ति कैसे हो सकती है? बाद में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण की याचिका को खारिज कर दिया था.

First published: 22 September 2018, 15:16 IST
 
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