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अलवर लिंचिंग: 'हमलावरों ने कहा, MLA साहब हमारे साथ हैं.'

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 July 2018, 7:42 IST

अलवर मॉब लिंचिंग मामले में असलम खान जो कि हमलावरों से बच कर भाग निकला था उसका एक बयान सामने आया है. असलम ने पुलिस को बताया कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया वो खुद को MLA के लोग बता रहे थे, और उन्होंने कहा कि उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता.

मामले की जांच को जयपुर रेंज ट्रांसफर होने से पहले असलम ने रविवार रात को अलवर पुलिस को बयान दिया. असलम खान ने कहा, '' कह रहे थे MLA साहब हमारे साथ हैं. हमारा कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता.'' पुलिस के अनुसार असलम ने उन लोगों को आपस में एक दूसरे का नाम लेते हुए सुना था- धर्मेंद्र, परमजीत, नरेश, सुरेश और विजय.

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गौरतलब है कि अलवर में गो-तस्करी के शक में रकबर नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि भीड़ ने रकबर की हत्या की थी. गो-तस्करी के शक में कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार की रात रकबर और असलम की पिटाई कर दी थी. इस दौरान असलम भाग निकला था, लेकिन रकबर को भीड़ पीटती रही थी.

हालांकि इसमें पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. अब राजस्थान पुलिस के सीनियर अफसरों ने माना है कि घटनास्थल से 6 किमी दूर अस्पताल पहुंचने में 3 घंटे लगना देरी ही है. पुलिस ने स्वीकार किया कि इस मामले में रकबर को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई है. आरोप है कि पुलिस रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गाय के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी.

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हालांकि अब खबर है कि स्थानीय थाने से जांच हटा ली गई है. अब एडिशनल एसपी क्राइम और विजिलेंस इस मामले की जांच संभालेंगे. आईजी ने कहा है कि इस बात की भी जांच होगी कि रकबर को अस्पताल ले जाने में इतनी देरी क्यों हुई.

First published: 24 July 2018, 7:42 IST
 
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