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अलवर लिंचिंग पर असदुद्दीन ओवैसी बोले: पुलिस और गोरक्षकों की मिलीभगत से गई रकबर की जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 13:08 IST

अलवर में शुक्रवार की रात गौ-तस्करी के शक में रकबर नाम के युवक की हत्या कर दी गई. आरोप है कि भीड़ ने रकबर की हत्या की है. वहीं रकबर की हत्या पर राजस्थान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. इस पर अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है.

ओवैसी ने कहा है कि रकबर की हत्या राजस्थान पुलिस और गो-रक्षकों की मिलीभगत से हुई है. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पर मुझे जरा भी आश्चर्य नहीं हो रहा है. पिछले साल पहलू खान की हत्या पर भी पुलिस की भूमिका ऐसी ही थी. राजस्थान की पुलिस गो-रक्षकों को बढ़ावा देती है. 

दरअसल, गो-तस्करी के शक में कथित गोरक्षकों ने रकबर और असलम की पिटाई कर दी थी. इस दौरान असलम भाग निकला था, लेकिन रकबर को भीड़ पीटती रही थी. इस मामले में अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि पुलिस रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गाय के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी.

खबर है कि पुलिस मौके पर पहुंची तो जरूर, लेकिन रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक यहां-वहां घुमाती रही. इसके बाद उसे थाने ले गई. इस मामले में कुछ सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं. पता चला है कि रकबर भीड़ के हाथों जितना घायल नहीं हुआ उससे ज़्यादा वो पुलिस की हिरासत में हुआ और यही उसकी जान जाने की वजह बनी.

पढ़ें- अलवर लिंचिंग: रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गायों के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी पुलिस !

खबर है कि पुलिस जानबूझकर घायल रकबर को सीधे अस्पताल नहीं ले गई. वह उसे यहां-वहां ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक घुमाती रही. घायल रकबर लगातार कहता रहा कि वो दर्द में है लेकिन पुलिस उसे तुरंत अस्पताल न ले जाकर पहले गाय के लिए गाड़ी का इंतज़ाम करने में लगी रही. यही नहीं पुलिस ने रास्ते में गाड़ी रोक कर चाय पी और फिर अस्पताल ले जाने की जगह थाने ले गई. जब पुलिस रकबर को लेकर अस्पताल पहुंची तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

First published: 23 July 2018, 12:24 IST
 
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