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राजस्थान पुलिस का कबूलनामा- लिंचिंग में घायल रकबर को अस्पताल ले जाने में हुई देर

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 15:15 IST

अलवर में गो-तस्करी के शक में रकबर नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि भीड़ ने रकबर की हत्या की थी. लेकिन इसमें पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. अब राजस्थान पुलिस के सीनियर अफसरों ने माना है कि घटनास्थल से 6 किमी दूर अस्पताल पहुंचने में 3 घंटे लगना देरी ही है. पुलिस ने स्वीकार किया कि इस मामले में रकबर को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई है. 

इस मामले में राजस्थान पुलिस ने सोमवार को कहा कि अधिकारियों की एक टीम घटना की जांच के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी. दरअसल गृह मंत्रालय ने राज्य की वसुंधरा सरकार से मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. 

पढ़ें- अलवर लिंचिंग: रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गायों के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी पुलिस !

दरअसल, गो-तस्करी के शक में कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार की रात रकबर और असलम की पिटाई कर दी थी. इस दौरान असलम भाग निकला था, लेकिन रकबर को भीड़ पीटती रही थी. इस मामले में अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि पुलिस रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गाय के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी.

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आरोप यह भी है कि पुलिस मौके पर पहुंची तो जरूर, लेकिन रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक यहां-वहां घुमाती रही. इसके बाद उसे थाने ले गई. इस मामले में पता चला है कि रकबर भीड़ के हाथों जितना घायल नहीं हुआ उससे ज़्यादा वो पुलिस की हिरासत में हुआ और यही उसकी जान जाने की वजह बनी.

First published: 23 July 2018, 15:15 IST
 
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