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अमरनाथ यात्रा संपन्न, इस बार 1 लाख 32 हजार कम श्रद्धालु पहुंचे पवित्र गुफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2016, 11:33 IST
(फाइल फोटो)

कश्मीर घाटी में आठ जुलाई से जारी हिंसा का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है. पिछले साल के मुकाबले इस बार पवित्र गुफा का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में भारी कमी आई है.

सावन पूर्णिमा को अमरनाथ यात्रा संपन्न हो गई. पिछले 41 दिन से चल रही हिंसा और अशांति के बीच सालाना यात्रा जैसे-तैसे पूरी हुई. हिंसा और मौसम की वजह से कई बार यात्रा रुकी रही.

माना जा रहा है कि हिंसा और खतरे की आशंका की वजह से पिछले दो साल से यात्रियों की संख्या घट रही है. सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक इस साल दो लाख 20 हजार से कुछ ज्यादा लोगों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए.

वहीं अगर पिछले साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं, तो गुफा का दर्शन करने वालों की संख्या तीन लाख 53 हजार के करीब थी. यानी इस साल एक लाख 32 हजार कम श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. 

पवित्र छड़ी की वापसी

बताया जा रहा कि पिछले एक दशक में तीर्थयात्रियों का इस साल का आंकडा सबसे कम है. अधिकारियों ने बताया कि भगवान शिव की छड़ी, छड़ी मुबारक लेकर साधुओं और श्रद्धालुओं का एक समूह इसके संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में दिन भर की प्रार्थना के लिए गुरुवार को तड़के पहुंचा.

साधुओं और श्रद्धालुओं का समूह पहलगाम से 42 किलोमीटर की यात्रा तय कर पवित्र गुफा में पहुंचा. रात में चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरनी में वे ठहरे थे. गर्भगृह में पारंपरिक रस्म के बाद पवित्र छड़ी की गुरुवार को सूर्यास्त से पहले वापसी की यात्रा शुरू हो गई.

29 अगस्त को औपचारिक अंत

आधिकारिक रूप से यात्रा गुरुवार को संपन्न हो गई, लेकिन छड़ी मुबारक की यात्रा पूजन और विसर्जन के साथ 29 अगस्त को पहलगाम की लिद्दर नदी के तट पर यह औपचारिक रूप से संपन्न होगी.

इसके बाद एक पारंपरिक रसोई होगी, जो यात्रा की आखिरी रस्म है. घाटी में प्रदर्शन शुरू होने से पहले दो जुलाई को सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त के बीच यात्रा पहलगाम और बालटाल के रास्तों से शुरू हुई थी. 

आखिरी 25 दिनों में 20 हजार श्रद्धालु

इसके एक हफ्ते बाद आठ जुलाई को सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी को एक मुठभेड़ में मार गिराया. इसके साथ ही घाटी में हिंसा का दौर शुरू हो गया.

कानून व्यवस्था की समस्या के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या 24 जुलाई को दो लाख के आंकड़े को पार कर गई. लेकिन उसके बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी आने लगी.

आखिरी 25 दिनों में महज 20 हजार के करीब तीर्थयात्रियों ने शिवलिंग के दर्शन किए. वहीं साल 2011 में रिकॉर्ड 6.36 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा में शिरकत की थी. जबकि इसके अगले साल यानी 2012 में 6.22 लाख लोगों पवित्र गुफा पहुंचे थे. इसके बाद के सालों में तीर्थयात्रियों की तादाद में कमी दर्ज की गई.

First published: 20 August 2016, 11:33 IST
 
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