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आसमान की ऊंचाइयों में उड़ान भरकर लड़ाकू फाइटर एयरक्राफ्ट राफेल हुआ भारतीय वायुसेना में शामिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2020, 12:04 IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) में 29 जुलाई को भारत आए पांच राफेल लड़ाकू जेट विमानों (Rafale Fighter Aircraft) को शामिल किया. इंडक्शन समारोह अंबाला एयर फोर्स बेस पर आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली मौजूद रहीं. भारत के पहले पांच राफेल लड़ाकू विमान ’गोल्डन एरो’ स्क्वाड्रन का हिस्सा होंगे.

इस दौरान फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. समारोह के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों ने अंबाला के आसमान में अपना करतब दिखाया. माना जा रहा है कि भारतीय वायुसेना में राफेल की मौजूदगी से उसकी ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. भारतीय वायुसेना में शामिल होने से पहले राफेल को वॉटर कैनन सेल्यूट भी दिया गया.


Rafale राष्ट्रीय सुरक्षा में एक गेम चेंजर 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ''वायुसेना में राफेल का शामिल होना एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है. राफेल का भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होना भारत और फ्रांस के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को भी दर्शाता है. भारत और फ्रांस लंबे समय से आर्थिक,सांस्कृतिक, राजनीतिक,रणनीतिक साझेदार रहे हैं''.

उन्होंने कहा ''हमारे मित्र देश फ्रांस के साथ राफेल डील भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में एक गेम चेंजर है. इसका लॉन्ग रेंज ऑपरेशन, अपने वजन के बराबर सामान और अतिरिक्त फ्यूल रखने की क्षमता और तेज स्पीड जैसी खूबियां इसे बेस्ट एयरक्राफ्ट में से एक बनाती हैं. आज राफेल का इंडक्शन पूरी दुनिया, खासकर हमारी संप्रभुता की ओर उठी निगाहों के लिए एक बड़ा और कड़ा संदेश है''.

उन्होने कहा कि हमारी सीमाओं पर जिस तरह का माहौल हाल के दिनों में बना या बनाया गया है उनके लिहाज से ये इंडक्शन बहुत ही अहम है. ये अपनी सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का भी एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है.

भारतीय वायुसेना के प्रमुख आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार भी समारोह का हिस्सा रहे. अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के कार्यक्रम में सर्व धर्म पूजा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले मौजूद रही. सितंबर 2016 में भारत और फ्रांस ने 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. 60,000 करोड़ में यह भारत द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ा रक्षा सौदा है.

राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस की विमानन कंपनी दसाल्ट एविएशन बनाती है. फ्रांस अब तक भारत को 10 राफेल विमानों दे चुका है. जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिन पर भारतीय वायुसेना के पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं. सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है. इन विमानों के शामिल होने के बाद यह भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन ताकत को 31 तक ले जाएगा. जब 2022 तक सभी 36 राफेल जेट वितरित कर दिए जाएंगे, तो यह इसे 32 स्क्वाड्रन में ले जाएगा. अत्याधुनिक 4.5 जेनरेशन राफेल जेट की शीर्ष गति 1.8 मैक है. 

राफेल को अत्याधुनिक 4.5 जेनरेशन का माना जाता है. राफेल जेट की टॉप स्पीड 1389 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. यह फाइटर जेट 9500 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है, जबकि राफेल का भार 24500 किलोग्राम है. राफेल सिंगल सीटर और ट्विन सीटर दोनों में मौजूद है. एक बार ऑपरेशन पर उड़ने के बाद यह जेट 3700 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है.

भारतीय वायुसेना में आज शामिल होंगे पांच राफेल लड़ाकू विमान, कार्यक्रम में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

First published: 10 September 2020, 11:26 IST
 
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