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पुलिसवालों से अमित शाह बोले- अब 'थर्ड डिग्री' का वक्त नहीं रहा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 August 2019, 15:23 IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि थर्ड-डिग्री टॉर्चर की उम्र खत्म हो गई है और पुलिस को बेहतर जांच और फॉरेंसिक सबूतों के जरिए अपराध और आपराधिक सोच वाले लोगों से एक कदम आगे रहना चाहिए. गृह मंत्रालय के अंतर्गत थिंक-टैंक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPRD) के 49वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए शाह ने कहा कि जांच के लिए पुरानी पुलिस अवधारणाओं को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए.

उन्होंने एक मजबूत फोरेंसिक सेट-अप की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे अपराधियों के लिए कानून के शिकंजे से बचना असंभव हो जाए. “पुलिस बलों के लिए आधुनिकीकरण की योजना कम से कम दस साल के लिए बनाई जानी चाहिए… यह थर्ड डिग्री (यातना) का समय नहीं है. पुलिस को अपराध और आपराधिक सोच वाले लोगों से आगे रहना चाहिए.

शाह न कहा कि जांच में फोरेंसिक विज्ञान का उपयोग करना चाहिए. बीपीआरडी को देश भर के लोगों से सुझाव मांगने के बाद भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के विभिन्न वर्गों में संशोधन के प्रस्ताव पर काम करना चाहिए. गृह मंत्री ने कहा कि ब्रिटिश काल में पुलिस को उनके हितों की रक्षा के लिए पुलिस कड़ी की गई लेकिन अब पुलिस का कर्तव्य लोगों की करना सुरक्षा है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देशभर में 34,000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपना जीवन खो दिया.

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First published: 28 August 2019, 15:18 IST
 
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