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मंत्रिमंडल विस्तार: 19 में 7 आपराधिक पृष्ठभूमि के, 3 गंभीर आपराध के आरोपी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2016, 15:50 IST
QUICK PILL
  • नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के ताजा विश्लेषण के मुताबिक नए बने 19 मंत्रियों में से 7 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं कुल 78 मंत्रियों में से 24 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है.
  • मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए नए मंत्रियों में 3 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पूरे मंत्रिमंडल को लेकर देखा जाए तो इनमें से 14 मंत्रियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने और चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
  • नए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोदी सरकार में अब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 78 हो चुकी है और इनमें से 92 फीसदी यानी 72 मंत्री करोड़पति हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने 19 नए चेहरों को शामिल किया. साथ ही कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले गए. मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे बड़ी खबर स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कपड़ा भेजा जाना रहा. उनकी जगह पूर्व पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को शिक्षा मंत्री बनाया गया. 

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 78 हो चुकी है. नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के विश्लेषण के मुताबिक नए बने 19 मंत्रियों में से 7 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं कुल 78 मंत्रियों में से 24 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है.

गंभीर आपराधिक मामले

मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए नए मंत्रियों में 3 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पूरे मंत्रिमंडल को लेकर देखा जाए तो इनमें से 14 मंत्रियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने और चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

बीजापुर से सांसद और नए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्री बने रमेश जिगाजिनागी के खिलाफ रिश्वत के दो मामले दर्ज हैं. कुल पांच मंत्रियों के खिलाफ चुनावी नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज हैं.

मोदी मंत्रिमंडल में करोड़पतियों की भरमार

नए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोदी सरकार में अब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 78 हो चुकी है और इनमें से 92 फीसदी यानी 72 मंत्री करोड़पति हैं.

नए बने मंत्रियों की औसत संपत्ति 8.73 करोड़ रुपये है. जबकि पूरे मंत्रिमंडल की औसत संपत्ति 12.94 करोड़ रुपये है.

संपत्ति के मामले में सबसे ऊपर मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सांसद मुबस्सर जवल अकबर हैं, जिनकी कुल संपत्ति 44.90 करोड़ रुपये है. इसके बाद दूसरे नंबर पर पाली के सांसद पीपी चौधरी हैं, जिनकी कुल संपत्ति 35.35 करोड़ रुपये है.

वहीं मोदी सरकार के पहले दो साल के कार्र्यकाल में नजरअंदाज किए गए और अब हाल ही में मंत्री बने राज्यसभा सांसद विजय गोयल तीसरे धनवान मंत्री हैं, जिनकी संपत्ति 29.97 करोड़ रुपये है. विजय गोयल फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं.

कुल 78 मंत्रियों में से 9 मंत्रियों की कुल संपत्ति 30 करोड़ रुपये से अधिक है. इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, हरसिमरत कौर, बिजली मंत्री पीयूष गोयल, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, वाई सत्यनारायण चौधरी, संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा, मुबस्सर जवल अकबर, महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी और पी पी चौधरी शामिल हैं.

First published: 8 July 2016, 15:50 IST
 
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