Home » इंडिया » Amritsar Train Accident: Navjot Singh Sidhu ask why there is no action taken on Driver
 

अमृतसर ट्रेन हादसा: नवजोत सिंह सिद्धू ने ड्राइवर को क्लीन चिट देने पर उठाए सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 October 2018, 14:57 IST

अमृतसर में हुए दर्दनाक रेल हादसे में 60 से ज्यादा लोगों की जान चल गई. लेकिन अभी भी इस एक्सीडेंट की जिम्मेदारी न तो रेलवे ने ली है न ही प्रशासन ने कोई जिम्मेदारी ली है. इस मामले में रेलवे विभाग, पुलिस और सरकार सब पल्ला झड़ते दिख रहे हैं. दशहरे के मौके ऊपर हुए इस दर्दनाक हादसे ने कई लोगों की जिंदगी चीन ली. कई परिवार बिखर गए. लेकिन इस मामले में सियासी घमासान अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है.

इस मामले में अब नवजोत सिंह सिद्धू ने उस दिन ट्रेन चला रहे ड्राइवर को क्लीन चिट देने को लेकर रेलवे विभाग पर सवाल उठाये हैं. नवजोत का कहना है कि जब केंद्र की तरडफ FIR दर्ज की जा चुकी है तो फिर ड्राइवर को 6 घंटे के अंदर ही रेलवे से क्लीन चिट कैसे मिल गई? क्या ये मुमकिन है कि ट्रेन आ रही हो और गार्ड को दिखाई न दे?

गौरतलब है कि अमृतसर में दशहरा में रावण वध के दौरान हुए रेल हादसे में 61 लोगों की मौत के बाद जीआरपी ने एफआईआर दर्ज कर ली है. जीआरपी ने ट्रेन के ड्राइवर अरविंद कुमार से भी पूछताछ की. ट्रेन के चालक कुमार ने बताया कि उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद भी कुछ लोग मेरी गाड़ी की चपेट में आ गए और ट्रैन रुकने ही वाली थी कि गुस्साए लोग ट्रेन पर पत्थर फेंकने लगे थे.

अमृतसर: रामलीला दिखाने के लिए रेलवे ट्रैक की तरफ लगाई थी LED, दिखा मौत का तांडव

ड्राइवर ने आगे बताया कि ट्रेन में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए गाड़ी को आगे बढ़ाने का फैसला किया और अमृतसर स्टेशन पहुंचते ही उन्होंने अपने सीनियर अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी.आगे बढ़ा दिया. ड्राइवर ने लिखित में अपनी सफाई रेलवे प्रशासन को दी है.
रेलवे प्रशासन को दिए लिखित बयान में चालक अरविंद कुमार ने कहा कि जब उन्हें ट्रैक के पास लोग दिखे तो उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाया और लगातार हॉर्न भी बजाया. ड्राइवर ने पत्र में लिखा है कि उन्हें ग्रीन सिग्नल दिया गया था इसलिए वह सामान्य स्पीड में आगे बढ़ गए. इसके बाद वह जोड़ा फाटक पहुंचे जहां पर उन्हें डबल येलो लाइट दिखी जिसका मतलब होता है कि गाड़ी की स्पीड कम करनी है.

उन्होंने स्पीड कम की लेकिन कुछ ही दूर में उन्हें ट्रैक पर लोगों की भीड़ दिखी. उन्होंने लिखा, "मैंने इमरजेंसी ब्रेक लगाया और लगातार हॉर्न बजाने लगा. ट्रेन की स्पीड तेजी से कम हुई लेकिन फिर भी लोग उसकी चपेट में आ गए. गाड़ी लगभग रुकने के करीब थी तभी लोगों का एक हुजूम मेरी गाड़ी पर पत्थर से हमला करने लगा."

First published: 22 October 2018, 14:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी