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ओवैसी-महबूबा का असली चेहरा आया सामने? AMU में आतंकी के नमाज-ए-जनाजा का किया समर्थन

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 October 2018, 19:08 IST

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मन्नान वानी की हत्या के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कश्मीरी छात्रों द्वारा नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश में देशद्रोह का केस दर्ज हो गया है. जिस पर सियासत गरमा गई है. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ने वाले छात्रों का समर्थन किया है.

महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करने की मांग की है. इसके साथ ही कहा है कि छात्रों को अपने साथी को याद करने का पूरा हक है. मुफ्ती ने अपने ट्वीट में लिखा, "छात्रों की आवाज दबाने के परिणाम अच्छे नहीं होंगे. छात्रों पर से केस वापस लिए जाने पर केंद्र हस्तक्षेप करे और एएमयू प्रशासन उनका निलंबन वापस ले. जम्मू-कश्मीर के बाहर की राज्य सरकारों को स्थिति पर संवेदनशील होना चाहिए, ताकि इनके अलगाव को रोका जा सके."

 

मुफ्ती ने इसके आगे लिखा, "छात्रों को अपने सहपाठी जो कि कश्मीर में लगातार हिंसा का पीड़ित हो, उसे याद करने के लिए सजा देना गलत होगा." वहीं इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छो़ड़कर जाना चाहते हैं, मैं उम्मीद करता हूं कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा.

 

बता दें कि आतंकी मन्नान वानी एएमयू में पीएचडी का छात्र था. सोशल मीडिया पर कुछ दिनों पहले एके-47 लिए उसकी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मन्नान को निलंबित कर दिया था. पता चला था कि वह हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकी बन गया है.

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वहीं उसके मारे जाने पर पिछले चार दिनों से एएमयू प्रशासन और कश्मीरी छात्र आमने-सामने हैं. एएमयू में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने मन्नान वानी की याद में नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश की थी. इस दौरान देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले में दो छात्रों को निलंबित किया गया है वहीं 7 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. वहीं कुछ छात्रों ने अपने साथियों पर दर्ज देशद्रोह का मुकदमा वापस नहीं लिये जाने की स्थिति में एएमयू छोड़ने की चेतावनी दी है.

First published: 15 October 2018, 19:08 IST
 
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