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AN-32 विमान हादसा, रेक्यू टीम को 9 दिन पहले मिल गए थे शव, फिर भी जंगलों में अबतक हैं फंसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 June 2019, 9:11 IST

अरुणाचल प्रदेश के शि-योमी जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड से AN-32 ने 3 जून को उड़ान भरने के बाद लापता हो गई थी. इस विमान में 13 लोग सवार थे, जिन्होंने अपनी जान गंवा दी. इस हादसे के बाद इन लोगों का शव निकालने के लिए बचाव दल भेजे गए थे, जो अब तक लौट नहीं सके.

खबरों के मुताबिक, यह बचाव दल अरुणाचल के काफी दुर्गम इलाके में पैदल चलकर घटनास्थल पर पहुंचे थे. बता दें कि एएन-32 विमान जहां क्रैश हुआ था, वहां का मौसम काफी खराब रहता है. इन बचाव दल को एयरलिफ्ट के जरिए बाहर निकालने की तैयारी हो रही है, लेकिन खराब मौसम के चलते अभी तक इन्हें निकाला नहीं गया है. बचाव टीम को निकालने के लिए मौसम के सुधरने का इंतजार किया जा रहा है.

AN-32 बीते 3 जून से लापता थी, इस विमान में 13 लोग सवार थे. विमान के लापता होने के बाद वायुसेना द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया, जिन्हें अरुणाचल के दुर्गम इलाके में विमान का मलबा दिखा. मलबा दिखने के बाद 12 सदस्यीय बचाव टीम को घटनास्थल पर भेजा गया, ताकि घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स और मृतकों के शवों को बरामद कर लिए जा सके. इस घटना स्थल पर पहुंचने का कोई रास्ता नहीं था, लिहाजा विमान के जरिए बचाव टीम को घटनास्थल तक पहुंचाया गया था.

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बचाव टीम द्वारा 20 जून को ही लिपो से 13 किलोमीटर उत्तर समुद्रतल से 12000 फीट की ऊंचाई पर विमान में सवार 8 क्रू मेंबर सहित 13 लोगों के शव को बरामद कर लिया गया था. इस क्षेत्र से शवों बाहर निकालने के लिए पर्वतारोहियों की मदद लेनी पड़ी. इस बचाव कार्य के दौरान खराब मौसम के कारण कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मौसम के कारण कई बार बीच में ही तलाशी अभियान को रोक दिया गया. चीता और एएलएच हेलिकॉप्टर्स बचाव कार्य में मौजूद थे.

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First published: 29 June 2019, 9:11 IST
 
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