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गुजरात: अमित शाह दिल्ली में ही रहेंगे, जानिए मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के बारे में

सुधाकर सिंह | Updated on: 3 August 2016, 12:46 IST

गुजरात में मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद पैदा हुए राजनीतिक हालात में अब नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर चल रहा है. बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने आज आनंदीबेन पटेल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने इसकी जानकारी दी है. इसके साथ ही अब साफ हो गया है कि गुजरात में अगले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नए चेहरे के साथ उतरेगी.

आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे का एलान किया था. उन्होंने फेसबुक पोस्ट करते हुए इस बारे में जानकारी दी थी.

गुजरात में पटेल आंदोलन और फिर दलितों की पिटाई के बाद आंदोलन को लेकर आनंदीबेन पटेल पर गाज गिरनी तय मानी जा रही थी. हालांकि आनंदीबेन ने दांव खेलते हुए पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर दी.

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आनंदीबेन पटेल ने कहा था कि इस साल 21 नवंबर को वो 75 साल की होने वाली हैं और वो चाहती हैं कि बीजेपी किसी नए चेहरे को आगे लाकर अगले विधानसभा चुनाव में उतरे.

दो पर्यवेक्षक चुनेंगे नया सीएम

केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने संसदीय बोर्ड की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, "आनंदीबेन पटेल जी राजभवन जाएंगी और अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगी."

वहीं अगले सीएम के नाम पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी ने दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. नायडू ने बताया, "नितिन गडकरी और सरोज पांडे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. वे गुजरात जाकर पार्टी विधायकों और नेताओं से मुलाकात के बाद अगले सीएम के बारे में फैसला लेंगे."

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अमित शाह पर अटकलें खारिज

आनंदीबेन के इस्तीफे के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई थीं कि अब अमित शाह को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. लेकिन संसदीय बोर्ड की बैठक से बाहर निकलने के बाद वेंकैया नायडू ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है.  

नायडू ने शाह को मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "अमित शाहजी के जाने का कोई सवाल नहीं है. वो हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे. पार्टी चाहती है कि राष्ट्रीय राजनीति में वह हमारा नेतृत्व करें."

मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार

आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद बीजेपी के सामने उनका उत्तराधिकारी चुनने की चुनौती है. आरक्षण को लेकर पटेल समाज के आंदोलन की वजह से आनंदीबेन पटेल की काफी किरकिरी हुई थी. ऐसे में बीजेपी नया मुख्यमंत्री चुनने को लेकर काफी फूंक-फूंककर कदम उठा रही है. 

आनंदी बेन पटेल के इस्तीफे के बाद एक संभावना यह बन रही है कि पटेल समाज के ही किसी नेता को राज्य की कमान सौंपी जाए, क्योंकि पाटीदार आंदोलन और हार्दिक पटेल एपिसोड के बाद पार्टी को अपना पटेल वोटबैंक खिसकने का डर सता रहा है.

सूत्रों की मानें तो नए मुख्यमंत्री की रेस में जो दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं, उनमें एक हैं नितिन पटेल और दूसरे हैं विजय रुपानी. पहले बात नितिन पटेल की.

मोदी के करीबी नितिन पटेल

  • नितिन पटेल का उत्तरी गुजरात में जनाधार है.
  • पटेल समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
  • पटेल आंदोलन के दौरान बातचीत में अहम भूमिका निभाई.
  • उनकी छवि ज़मीन से जुड़े नेता की है.
  • नितिन पटेल पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं.


अमित शाह की पसंद विजय रुपानी

  • विजय रुपानी साफ़ सुथरी छवि के नेता हैं.
  • रुपानी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी हैं.
  • सौराष्ट में विजय रुपानी की अच्छी पकड़ है.
  • सबको साथ लेकर चलने की वजह से दावा मजबूत.
  • जैन हैं इसलिए पटेल और दलित विवाद का दबाव कम.
  • प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट मंत्री भी हैं.
  • आलाकमान ने उन्हें 'एक व्यक्ति एक पद' से छूट दी है.
First published: 3 August 2016, 12:46 IST
 
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