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नोटबंदी: मौत, हिंसा, लूट, लाठी चार्ज बदस्तूर जारी

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 14 November 2016, 3:43 IST
QUICK PILL
  • नोटबंदी की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों से मौत, हिंसा, लूट और झड़प की ख़बरें आ रही हैं. लोगों के हाथ में कैश नहीं है और घरों में खाने-पीने के सामान घटते जा रहे हैं. 
  • सोमवार को गुरु नानक जयंती होने के नाते बैंक और एटीएम सर्विस बंद रहेगी. आशंका है कि देशभर में स्थिति बदतर हो सकती है. 

500 और 1000 रूपए के नोटों को अचानक बंद कर दिए जाने से रोज़मर्रा की जिंदगी चरमरा गई है. दूध, फल और सब्ज़ी की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है. देशभर की बैंक शाखाओं, एटीएम मशीनों और डाक घरों के बाहर हुजूम जमा है. बार-बार बेक़ाबू हो रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसबल को हर दिन लाठी चार्ज और हवाई फायरिंग करनी पड़ रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों से मौत और घायलों की ख़बरें भी रोज़ आ रही हैं. 

हालात बिगड़ता देख शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एटीएम मशीनों में तकनीकी बदलाव करने में अभी 2 से 3 हफ्ते लगेंगे. वित्त मंत्रालय ने 8 नवंबर की रात पीएम की घोषणा में कुछ बदलाव भी किया है. मंत्रालय ने कहा है कि अब एटीएम से एक दिन में 2,000 की बजाय 2,500 रुपए निकाले जा सकेंगे. वहीं बैंक से एक दिन में 4,000 की बजाय 4,500 रुपए बदल सकते हैं. इसके अलावा बैंक से एक हफ्ते में पैसा निकालने की सीमा 20,000 से बढ़ाकर 24,000 रुपए कर दी गई है. 

मगर इन तमाम कोशिशों के बावजूद अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य होने के आसार नहीं दिखते. राजधानी दिल्ली में एटीएम मशीनों के बाहर भीड़ किसी भी वक्त देखी जा सकती है. रात 12 बजे और तड़के 4 बजे भी लंबी क़तारें लग जा रही हैं. ग्रामीण इलाक़ों का हाल बदतर है जहां ना तो बैंक शाखाओं की सुविधा है और ना ही एटीएम मशीनें हैं. अगर जल्द ही सरकार हालात सामान्य नहीं कर पाई तो कुछ ऐसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जो पहले कभी नहीं हुईं.

दो बैंक कैशियरों की मौत

शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसबीआई की रतिबाद शाखा के 45 वर्षीय वरिष्ठ कैशियर पुरूषोत्तम व्यास की सीने में दर्द होने के बाद मौत हो गई. इसी तरह उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में पीएनबी के कैशियर श्रीदत्त पांडेय की हार्ट अटैक से मौत हो गई. नोटबंदी के अचानक एलान के बाद देशभर में बैंकों पर काम का दबाव अचानक बढ़ गया है. सरकार के आदेश पर बैंक शनिवार और रविवार को भी खुले थे. 

मध्यप्रदेश के सागर ज़िले में यूनियन बैंक शाखा से नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़े एक 70 साल के बुजुर्ग विनोद कुमार पाण्डेय की भी मौत हुई है. विनोद दूरसंचार विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी थे. घंटों लाइन खड़ा रहने के बाद अचानक से उनके सीने में दर्द हुआ था. 

बैंक शाखाओं के बाहर लाठी चार्ज

कमोबेश देशभर में बैंक शाखाओं के बाहर सामान्य से कई गुना ज़्यादा भीड़ जमा है यहां नए काउंटर लगाए जाने के बावजूद नागरिकों को कई-कई घंटे क़तार में लगे रहना पड़ा रहा है. हरियाणा के मेवात, बिहार के मधेपुरा, उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर, बनारस समेत कई राज्यों में लाठी चार्ज, हवाई फायरिंग और पुलिस-पब्लिक के बीच झड़प की ख़बरें आई हैं. इन झड़पों में बच्चे और महिलाओं समेत कई लोग ज़ख़्मी हैं लेकिन आंकड़ों की सही तस्वीर पता नहीं चल पाई है. 

मेवात ज़िले की सरकारी वेबसाइट कहती है कि ज़िले में एक भी शहरी बैंक शाखा नहीं है और ग्रामीण बैंक शाखाओं की संख्या 52 है. शाखाओं में यहां स्टाफ की कमी है और एटीएम मशीनों की संख्या भी महज़ 25 है. 

नवजातों की मौत

मुंबई के गोवंडी इलाक़े के जगदीश अपनी पत्नी किरन की डिलीवरी के लिए इलाक़े के जीवन ज्योत हॉस्पिटल गए थे. जगदीश ने बताया, 'मैंने अस्पताल प्रबंधन से छह हज़ार रुपए के 500 और 1000 की नोट में लेने की बार-बार गुज़ारिश की लेकिन उन्होंने पुरानी नोट कहकर लेने से मना कर दिया'. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जगदीश रुपयों का फ़ौरन इंतज़ाम नहीं कर पाए और नवजात की मौत हो गई. 

नोएडा में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के कैलाश हॉस्पिटल में एक नवजात की मौत केवल इसलिए हो गई क्योंकि पहले तो अस्पताल ने इलाज के लिए एडवांस फीस के तौर पर 10,000 रूपए मांगे और फिर पुराने नोट लेने से मना कर दिया. हालांकि शर्मा ने नवजात के पिता अभिषेक के इन आरोपों का खंडन किया है. 

महेश शर्मा के अस्पताल ने कथित तौर पर पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया और बिना इलाज के नवजात शिशु की मौत हो गई

कुछ ऐसे भी वाक़ये सामने आए जब लोगों घर में किसी की मौत होने पर कफन तक के पैसे के लिए इधर-उधर भटकते रहे.  मेरठ में एक बुज़ुर्ग महिला बेला देवी की की मौत के बाद उनके घरवाले बैंक शाखा के बाहर घंटों कतार में खड़े रहने लेकिन बिना रुपयों के मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ा.

बिहार में कैमूर जिले में राम अवध नाम से उनके होने वाले दामाद के घरवालों ने कथिततौर पर दहेज में 35,000 रूपए की मांग की थी. राम अवध ने रुपयों का इंतज़ाम भी कर लिया था मगर उन्हें डर सता रहा था कि कहीं 500 और 1,000 के पुरानी नोट होने के नाते ससुराल पक्ष रुपए लेने से इनकार ना कर दें. राम अवध की भी हर्ट अटैक से मौत हुई है.

  

राजधानी का हाल

दूर दराज के इलाकों के मुक़ाबले राजधानी दिल्ली के हालात भी ठीक नहीं हैं. हाथ में नकद नहीं होने के नाते लोग रोज़मर्रा की ज़रूरी चीजें तक नहीं खरीद पा रहे हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक बैंकों, एटीएम और दुकानों पर हिंसक घटनाओं के कम से कम 4500 फोन कॉल उन्हें मिल चुके हैं. 

एम्स और सफदरजंग अस्पताल के बाहर दवा दुकानदारों ने दवाइयों की कीमत 1,000 रूपए से कम होने पर हज़ार का पुराना नोट लेने से मना कर दिया. राम सिंह ने कैच को बताया कि उनकी बेटी एम्स के इंटेंसिंव केयर यूनिट में भर्ती हैं लेकिन एटीएम मशीनों पर भारी भीड़ के चलते वे अपना ही पैसा अकाअंट से नहीं निकाल पा रहे. 

दिल्ली पुलिस को बैंकों, एटीएम और दुकानों पर हिंसा की षिकायत संबंधी 4500 फोन कॉल्स आए

यमुना विहार के गौतम रब्बानी ने बताया वे सुबह 5 बजे से अपने पास के ही बैंक में लाइन मे लगे थे लेकिन उनकी बारी आने पर बैंक में नकद पैसा खत्म हो गया और उन्हें आदर्श नगर की एसबीआई ब्रांच पर फिर से लाइन में लगना पड़ा. उन्होंने कैच न्यूज को 500 का नोट दिखाते हुए कहा, 'मैंने सुबह से कुछ भी नहीं खाया है क्योंकि सब दुकानदारों ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया है'.

राजधानी के तमाम बाज़ारों के अलावा ज़रूरी खाद्य पदार्थों की सब्ज़ी-फल मंडी भी बुरी तरह प्रभावित है. हाथ में कैश नहीं होने के चलते किसानों, आढ़तियों और सब्ज़ी विक्रेताओं के बीच लेन-देन नहीं हो पा रहा है. 

चिंता यह है कि यह दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरु नानक जयंती होने के नाते सोमवार को बैंक और एटीएम सर्विस बंद रहेगी. आशंका है कि बैंक की इस छुट्टी के कारण हालात भयावह हो सकते हैं. लोगों के हाथ से कैश और घरों में खाने-पीने का सामान ख़त्म हो रहा है.

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में राशन की दुकान और उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले में बैंक लूटने की कोशिशें भी हो चुकी हैं. 

साथ में सादिक़ नक़वी

First published: 14 November 2016, 3:43 IST
 
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