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अमर की एंट्री पर आजम का तंज, 'मालिक' मुलायम का फैसला मंजूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2016, 11:19 IST

अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का टिकट दिए जाने से पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान नाराज हैं. आजम ने अमर को राज्यसभा भेजने के फैसले को दुखद मामला बताया है.

शिवपाल यादव से जब मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछा गया कि अमर सिंह औपचारिक रूप से कब पार्टी में शामिल होंगे, तो शिवपाल ने कहा था कि अमर सिंह, नेताजी के दिल में रहते हैं. ये बात एक बार फिर साबित हुई है.

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'अमर को टिकट देना दुर्भाग्यपूर्ण'

आजम खां और राम गोपाल यादव के विरोध के बावजूद अमर सिंह समाजवादी पार्टी से राज्यसभा में जाएंगे. मंगलवार रात को जब आजम खान रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो उनसे अमर सिंह को राज्यसभा टिकट देने पर सवाल पूछा गया.

आजम ने पार्टी के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कहा, "मेरी नजर में यह दुर्भाग्यपूर्ण मामला है, लेकिन नेताजी (मुलायम सिंह) पार्टी के मालिक हैं और उनका जो भी फैसला है, हमें मंजूर है. उनके फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है." 

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समाजवादी पार्टी में जयाप्रदा की वापसी की संभावना के सवाल पर पर आजम बोले, "जो किस्मत में लिखा होगा वह मान लिया जाएगा."

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'सपा डूबता हुआ जहाज'

वहीं अमर सिंह के नाम पर संसदीय बोर्ड के कुछ सदस्यों द्वारा आपत्ति किये जाने की खबर पर शिवपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कहीं कोई विरोध दर्ज नहीं कराया गया. राज्यसभा और विधान परिषद के लिए घोषित सभी नाम सर्वसम्मति से तय किए गए हैं.

संसदीय बोर्ड के सदस्य आजम खां और रामगोपाल यादव, अमर सिंह के मुखर विरोधी रहे हैं. बताया जा रहा है कि जब बोर्ड की बैठक में अमर सिंह के नाम की चर्चा हुई, तो आजम खान बैठक से निकल गए थे.

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इस बीच गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया है. आदित्यनाथ ने कहा, "सपा डूबता हुआ जहाज है. अच्छा है सारे डूबने वाले लोग एक साथ आकर डूबें."

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एक सीट पर 37 विधायक का आंकड़ा


राज्यसभा का अधिकृत प्रत्याशी बनाये जाने के बाद अमर सिंह की सपा में वापसी मात्र औपचारिकता की बात रह गई है. उत्तर प्रदेश में 11 राज्यसभा और 13 विधान परिषद सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव जून में होंगे.

राज्यसभा पहुंचने के लिए किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को 37 विधायकों का समर्थन चाहिए होगा. विधान परिषद के मामले में यह संख्या 32 होगी.

राज्यसभा और विधान परिषद की वे सीटें चार और छह जुलाई को खाली हो जाएंगी. प्रदेश की 403 सदस्यीय  विधानसभा में अलग-अलग राजनीतिक दलों की स्थिति देखें तो सपा के 227 विधायक हैं. इस लिहाज से उसके छह उम्मीदवार राज्यसभा पहुंच सकते हैं.

इसी तरह बसपा के दो, और बीजेपी का एक उम्मीदवार राज्यसभा जा सकता है.

First published: 18 May 2016, 11:19 IST
 
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