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राफेल डील पर फंसे अनिल अंबानी बड़े भाई मुकेश अंबानी की वजह से बर्बादी की कगार पर !

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2019, 14:10 IST

राफेल विवाद पर फंसे अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन बर्बादी की कगार पर है. हालत ऐसे हो गए हैं वह नीलाम हो सकती है. एक अनुमान के मुताबिक रिलायंस कम्यूनिकेशन ग्रुप पर करीब 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. अनिल अंबानी के नेतृत्व में ग्रुप की अन्य कंपनियों की मार्केट वैल्यू पिछले 1 साल के दौरान 68% तक गिर चुकी है.

अनिल अंबानी की इस बर्बादी में कहीं न कहीं बड़े भाई मुकेश अंबानी का भी बड़ा हाथ रहा है. बता दें कि जब रिलायंस ग्रुप का बंटवारा हुआ था, तब पेट्रोलियम और गैस जैसा मुनाफे का बिजनेस बड़े भाई मुकेश अंबानी के हिस्से में आया था. वहीं भविष्य का फील्ड माने जाने वाला टेलीकॉम बिजनेस अनिल अंबानी के खाते में गया था.

अब जब बंटवारे के 15 साल पूरे हो चुके हैं तो मुकेश अंबानी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि एशिया के टॉप अमीर बन चुके हैं, वहीं अनिल अंबानी अर्श से फर्श पर आ चुके हैं. दरअसल, अनिल अंबानी भी टेलीकॉम सेक्टर की सफलता को लेकर आशान्वित थे. इस कारण उन्होंने इस सेक्टर में खूब निवेश किया. लेकिन दिनों-दिन बढ़ते निवेश और दूसरी तरफ टेलीकॉम सेक्टर की प्रतिस्पर्धा के माहौल में अनिल अंबानी चल नहीं पाए और उनकी कंपनी कर्ज के बोझ तले डूबती चली गई.

बता दें कि टेलीकॉम सेक्टर को भविष्य में सफलता का फील्ड माना जाता है. लेकिन मौजूदा समय में भारत में इसमें भारी निवेश की जरुरत है. अनिल अंबानी ने टेलीकॉम सेक्टर में भारी निवेश भी किया.  यहां तक कि भारत में 2जी वॉइस सेवाओं से 3जी और 4जी में शिफ्ट करने के लिए रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने समुद्र के नीचे केबल बिछाने और स्पेक्ट्रम खरीदने में खासा निवेश किया. नतीजा ये रहा अनिल अंबानी पर काफी कर्ज हो गया.

माना जा रहा है कि रिलायंस कम्यूनिकेशंस जल्द ही दिवालिया घोषित हो सकती है. वहीं कई देनदार अपने दिए हुए कर्ज के लिए अनिल अंबानी के खिलाफ कोर्ट का रुख कर चुके हैं. इसके बाद मुश्किलों से निकलने के लिए अनिल अंबानी की निगाहें रक्षा क्षेत्र की कंपनी रिलायंस डिफेंस पर टिकी थी, लेकिन कई कारणों से यहां भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

First published: 13 February 2019, 14:10 IST
 
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