Home » इंडिया » Anna Hazare to sit on day-long dharna at Rajghat in delhi,We are moving away from Gandhiji's vision.
 

जानिए क्यों गांधी जयंती के दिन अन्ना हजारे सत्याग्रह पर बैठे...

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2017, 13:45 IST

सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी अन्ना हज़ारे गांधी जयंती पर सोमवार को दिल्ली के राजघाट पर पहुंचे. अन्ना राजघाट पर एक दिन के सत्याग्रह पर बैठ गए हैं. दरअसल अन्ना हजारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए पुणे से दिल्ली आए. इसके बाद अन्ना हजारे ने गांधी को राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दी.

 

महात्मा गांधी को नमन करने के बाद अन्ना हजारे ने कहा, "मैं राजघाट पर गांधी जी को नमन करने आया हूं. आज व्यथित होने का एक कारण है. अन्ना ने कहा कि दुखी नहीं हूं, दुखी स्वार्थी लोग होते हैं." दरअसल अन्ना हजारे ने रविवार को कहा था कि देश महात्मा गांधी के सपने के रास्ते से भटक गया है. इसीलिए वह गांधी जयंती के मौके पर एक दिन का सत्याग्रह करेंगे.

गौरतलब है कि अन्ना हजारे ने कुछ समय पहले पीएम नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा था. इस लेटर में उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार और किसानों की समस्‍याओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और एक बार फिर से आंदोलन करने की भी बात कही थी".

अन्‍ना ने लेटर में लिखा था कि उनके आंदोलन के छह साल बाद भी भ्रष्टाचार को रोकने वाले एक भी कानून पर अमल नहीं हो पाया है. लोकपाल, लोकायुक्त की नियुक्ति करने वाले और भ्रष्टाचार को रोकने वाले सभी सशक्त बिलों पर सरकार सुस्ती दिखा रही है. किसानों की समस्याओं को लेकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर भी अमल नहीं किया जा रहा है.

गौरतलब है कि छह साल पहले अन्ना हज़ारे की अगुवाई में 2011 में लोकपाल की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन हुआ जिसमें देश के करोड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. अन्ना हजारे के सामने उस समय की मनमोहन सरकार को घुटने टेक कर लोकपाल बनाने के लिए हामी भरनी पड़ी थी.

First published: 2 October 2017, 13:45 IST
 
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