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छोटी बहू को टिकट: सामाजिक न्याय का परिवारवादी संस्करण

अतुल चंद्रा | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

राजनीतिक वंशवाद क्या होता है कि इसे समझने के लिए उत्तर प्रदेश (यूपी) सबसे मुफीद राज्य बनता जा रहा है. राज्य की सत्ताधारी पार्टी सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने परिवार के 19वें सदस्य के सक्रिय राजनीति में आने की रविवार को घोषणा की.

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव पर पार्टी को परिवार की पार्टी बनाने का आरोप लगता रहा है. उनके परिवार के 18 सदस्य पहले ही देश या प्रदेश की सक्रिय राजनीति में हैं. अब उन्होंने अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव को अगले साल होने वाले विधानसभा चनावों में उतारने का फैसला किया है.

इसके बाद विपक्षी दल बीजेपी ने सपा को सैफई पोलिटिकल पार्टी कहना शुरू कर दिया है.

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव परिवार के 19 सदस्य सक्रिय राजनीति में हैं

अपर्णा मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. सपा ने उन्हें लखनऊ कैंटोमेंट सीट से टिकट दिया है. वो हारे या जीतें राजनीति में आने वाली वो परिवार की 19वीं सदस्य होंगी.

इतना ही नहीं, मुलायम परिवार को दो अन्य सदस्य आदित्य यादव और अनुराग यादव राज्य की राजनीति में लॉन्च किए जाने की कतार में हैं. मुलायम के भाई शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव फिलहाल यूपी कोऑपरेटिव फेडेरेशन के चेयरमैन हैं.

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वहीं यूपी के सीएम अखिलेश यादव के चचेरे भाई अनुराग यादव फिलहाल समाजवादी युवजन सभा के अध्यक्ष हैं. शिवपाल की पत्नी सरला यादव जिला सहकारी बैंक, इटावा की निदेशक हैं.

1957 से लखनऊ कैंटोमेंट सीट पर ज्यादातर समय कांग्रेस का कब्जा रहा है. गैर-कांग्रेसी दलों को इस सीट पर अभी तक केवल तीन बार (1967, 1969 और 1977) जीत मिली है. इस समय कांग्रेसी नेता रीता बहुगुणा जोशी इस सीट से विधायक हैं.

इस एक परिवार के मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव, डिंपल यादव, तेज प्रताप सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव सांसद हैं. राम गोपाल राज्य सभा सांसद हैं बाकी लोक सभा सांसद हैं.

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यूपी विधान सभा में इस परिवार के सदस्य हैं अखिलेश यादव (मुख्यमंत्री), शिवपाल यादव (एमएलए) और अरविंद यादव (एमएलसी).

इनके अलावा परिवार के अभिषेक यादव और शीला यादव ज़िला पंचायत प्रमुख हैं. वहीं मुलायम के भाई राजपाल यादव की पत्नी प्रेमलता और रामगोपाल यादव की बहू मीनाक्षी यादव ज़िला पंचायत सदस्य हैं.

ब्लॉक स्तर की राजनीति में भी परिवार के कई सदस्य सक्रिय हैं. तेज प्रताप यादव की मां मृदुला यादव, मुलायम के साले अजंत सिंह यादव और रामगोपाल यादव के भतीजे बिल्लू यादव अलग-अलग ब्लॉक प्रमुख हैं.

अपर्णा यादव को लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से टिकट दिया गया है जो कांग्रेस का गढ़ रहा है

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक सपा को "सैफई परिवार पार्टी" कहते हैं. हालांकि वो अपर्णा के नाम की घोषणा को शंका की दृष्टि से देखते हैं.

सपा ने 25 मार्च को 142 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी. उसके दो दिन बाद अपर्णा यादव के नाम की घोषणा की गयी.

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पाठक कहते हैं, "अपर्णा के नाम की घोषणा बाद में की गयी. वो भी ऐसी सीट से जहां से सपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. ऐसे में इस फैसले को समझना मुश्किल है."

सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि अपर्णा के नाम की घोषणा पार्टी की संसदीय बोर्ड का निर्णय था. सीट के सवाल पर वो कहते हैं, "जहां तक सीट की बात है तो सपा की लोकप्रियता को देखते हुुए राज्य की किसी भी सीट पर जीत मुश्किल नहीं होगी."

अपर्णा के पिता अरविंद सिंह बिष्ट इस समय राज्य में सूचना आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वो एक प्रमुख राष्ट्रीय अंग्रेजी अखबार से जुड़े हुए थे.

First published: 29 March 2016, 8:51 IST
 
अतुल चंद्रा @catchnews

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार

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