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जब 'मिसाइल मैन' ने तोड़ा था प्रोटोकाॅल...

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2017, 11:10 IST

पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की आज दूसरी पुण्यतिथि है. कलाम भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सादगी की अमिट छाप हमारे दिलो-दिमाग पर हमेशा अंकित रहेगी. उनके बारे में कर्इ एेसे प्रेरणा देने वाले किस्से हैं, जिन्हें आज भी हम नहीं जानते.

1. 2005 में जब डॉक्टर कलाम मध्य प्रदेश के चित्रकूट में समाजसेवी नानाजी देशमुख आश्रम में आना हुआ, तो वे प्रोटोकॉल तोड़कर आम लोगों के साथ पंगत में बैठकर भोजन करने लगे थे.

6 अक्टूबर 2005 को चित्रकूट में नानाजी देशमुख के दीनदयाल शोध संस्थान के 'ग्राम विकास प्रकल्प' को देखने आए भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आए थे.

इस दौरान कलाम जमीन पर पंगत में ही बैठकर महिला सरपंचों के साथ केले के पत्ते पर भोजन करने लगे, जबकि राष्ट्रपति होने के नाते उनकी भोजन व्यवस्था अलग थी.

राष्ट्रपति कलाम ने आश्रम के आस-पास के गांवों की मुकदमेबाजी से मुक्त व्यवस्था देखी तो कहा कि मुझे रामेश्वरम् में बिताए अपने बचपन की याद आ जाती है.

कलाम मध्य प्रदेश के पटनी गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने कोल आदिवासियों के साथ सारा दिन बिताया था। राष्ट्रपति ने उनसे हिंदी भाषा में बातचीत भी की.

2. कलाम साहित्य में रुचि रखते थे, कविता लिखते थे और वीणा बजाते थे. कहा यह भी जाता है कि वे कुरान और भगवद्गीता दोनों का अध्ययन करते थे. उन्होंने अपना जीवन खुली किताब की तरह रखा. अपने बारे में अधिकांश जानकारी उन्होंने अलग-अलग किताबों से दूसरों तक पहुंचाई.

3. एक समय कलाम एक ऐसे काम करना चाहते थे जिसे समाज में खास नहीं समझा जाता है. अपनी बायोग्राफी 'माय लाइफ' में उन्होंने लिखा कि बचपन में वह किसी को पेड़ पर चढ़कर नारियल तोड़ता देख बहुत खुश हो जाते थे.

उनके मुताबिक, मेरी पायलट बनने की इच्छा से बहुत पहले, मैं सोचता था कि बड़े होकर नारियल के पेड़ों पर चढ़ने वाला बनूंगा और यह मेरे लिए एक शानदार पेशा होगा. आखिर कोई भी उनसे ऊंचा नहीं चढ़ सकता और पेड़ों की चोटी से आप दूर-दूर तक देख सकते हैं.

First published: 27 July 2017, 11:10 IST
 
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