Home » इंडिया » App based cab will be fed from the meter, Kejriwal govt gave information to high court
 

दिल्ली में मीटर से चलेंगी एप आधारित टैक्सी, सर्ज प्राइसिंग पर भी लगेगी लगाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2016, 12:07 IST

दिल्ली सरकार कैब कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है. केजरीवाल सरकार ने एप आधारित कैब सेवाओं के लिए नीति बनाई है.

इस नई नीति के तहत अब ग्राहकों से सर्ज चार्ज नहीं वसूले जा सकेंगे. परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि एक महीने के अंदर योजना को अंतिम रूप देकर उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा. 

एलजी से मंजूरी की दरकार

पॉलिसी के अमल में आने के लिए लगने वाले समय के बारे में सत्येंद्र जैन ने कहा कि यह उपराज्यपाल पर निर्भर है कि वे कब तक मंजूरी देते हैं.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एप आधारित कैब सेवाओं का लंबे समय से विरोध होता रहा है. इनके खिलाफ हाल ही में दिल्ली के आॅटो चालक और काली-पीली टैक्सियां हड़ताल कर चुकी हैं, तब सरकार ने इन कैब सेवाओं के लिए नीति निर्धारण की बात कही थी. 

छुपा चार्ज नहीं ले पाएंगे

परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है, "यह नीति लगभग तैयार है और सारे स्टेकहोल्डर्स (ओला, उबर जैसे आॅपरेटर्स, आॅटो, टैक्सी चालकों और आम जनता) से बात-चीत कर इसे अंतिम स्वरूप दिया जा रहा है और एक महीने के अंदर-अंदर इसे उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा."

साथ ही उन्होंने कहा कि यह नीति एप आधारित प्रीमियम बस के लिए बनाई गई नीति के आधार पर तैयार की गई है. सत्येंद्र जैन ने कहा, "इस नीति के लागू होने के बाद ओला-उबर जैसे आॅपरेटर्स सर्ज प्राइसिंग, अतिरिक्त चार्ज नहीं ले सकते, कोई छुपा हुआ चार्ज नहीं ले पाएंगे." 

'मीटर के हिसाब से चलना होगा'

सत्येंद्र जैन के मुताबिक अब सब कुछ उपभोक्ता को साफ-साफ बताना होगा, कैब में मीटर भी लगाना होगा और मीटर के हिसाब से चलना होगा. परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सर्ज चार्जिंग की इजाजत बिल्कुल नहीं होगी, एक अधिकतम सीमा के ऊपर किराया नहीं वसूला जा सकता है.

दिल्ली के परिवहन मंत्री ने कहा, "ओला-उबर को कानून के हिसाब से चलना होगा. जैसे सरकार के कानून आॅटो-टैक्सी पर लागू होते हैं, वैसे ही एप आधारित इन सेवाओं पर भी लागू होंगे"

परिवहन मंत्री ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार नीति के संबंध में जनता की राय ली जा रही है. साथ ही जल्द स्टेकहोल्डर्स की बैठक बुलाई जाएगी. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि एलजी की मंजूरी के बगैर यह नीति लागू नहीं की जा सकेगी.

इससे पहले ऑड-ईवन योजना के दौरान भी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कैब कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग पर गहरी नाराजगी जताई थी. केजरीवाल ने इसे दिनदहाड़े लूट करार दिया था.

First published: 11 August 2016, 12:07 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी