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BJP के पलटवार पर बोले आर्कबिशप- हम विभाजन की राजनीति नहींं बल्कि देश की चिंता कर रहे हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 May 2018, 14:57 IST

दिल्ली में चर्च के आर्कबिशप अनिल कूटो ने उनके खत को लेकर बीजेपी के हमले पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि मैं और क्या बात करूंगा? चुनाव और सरकार हमें चिंतित करते हैं. हमें ऐसी सरकार होना है जो ईसाई समुदाय के लोगों, अधिकारों और कल्याण के लिए काम करे. मैं पक्षपातपूर्ण राजनीति में दखल नहीं दे रहा हूं. हम सिर्फ प्रार्थना कर रहे हैं कि राष्ट्र को सही दिशा में चलना चाहिए.

 

बता दें आर्कबिशप ने ईसाई समुदाय के लोगों से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए प्रार्थना के साथ ही हर शुक्रवार को उपवास करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था कि हमें प्रार्थना करना होगा जिससे देश में शांति, लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारा बरकरार रहे.

उन्होंने पादरियों को खत लिखकर देश में अशांत राजनैतिक वातावरण की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि इसकी वजह से लोकतंत्र तथा धर्मनिरपेक्षता को खतरा है. खत में सभी पादरियों से वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया गया था.

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खत में आर्कबिशप ने लिखा था, "हम एक 'अशांत राजनैतिक वातावरण' देख रहे हैं, जो हमारे संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों तथा हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के लिए खतरा है. देश तथा राजनेताओं के लिए हमेशा प्रार्थना करना हमारी प्रतिष्ठित परम्परा है, लेकिन आम चुनाव की ओर बढ़ते हुए यह और भी ज़रूरी हो जाता है. अब जब हम 2019 की ओर देखते हैं, जब हमारे पास नई सरकार होगी, तो आइए, हम देश के लिए 13 मई से शुरू करते हैं एक प्रार्थना अभियान."

इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता आर्कबिशप पर हमलावर हो गए थे. आर्कबिशप के इस खत के बाद भारतीय जनता पार्टी भड़क गई है. बीजेपी के कई नेताओं ने खत के विरोध में बयान जारी किए हैं. खत पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जाति और धर्म के बंधन को तोड़कर बिना किसी भेदभाव के सबके विकास के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम केवल चर्च को प्रगतिशील मानसिकता के साथ सोचने के लिए कह सकते हैं. हमारी सरकार 'सबका साथ सबका विकास' वाली सरकार है.

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है. मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाऊंगा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे, लेकिन यदि चर्च लोगों से प्रार्थना करने के लिए कहता है ताकि मोदी की सरकार न बने तो देश को सोचना होगा कि दूसरे धर्म के लोग भी 'कीर्तन-पूजा' करेंगे.

First published: 22 May 2018, 14:57 IST
 
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