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लद्दाख में सेना का कमाल : चीनी रुकावट के बावजूद गलवान घाटी में पूरा किया पुल का निर्माण

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 June 2020, 15:33 IST

भारतीय सेना के इंजीनियरों ने पूर्वी लद्दाख में गलवान नदी पर उस 60 मीटर के पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है जो भारतीय सेना को संवेदनशील क्षेत्र में पकड़ को मजबूत करने में मदद करेगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन इस पुल के निर्माण को रोकना चाहता था और अब इस पुल की मदद से भारतीय सैनिक नदी को वाहनों के साथ पार कर पाएंगे. साथ ही यह 255 किलोमीटर लंबे स्ट्रैटिजिक डीबीओ रोड की सुरक्षा कर सकता है. ये सड़क दरबुक से दौलत बेग ओल्डी से भारत के आखिरी पोस्ट तक जाती है.

रणनीतिक पुल का निर्माण पूर्वी लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा आक्रामक युद्धाभ्यास के लिए बड़ा झटका है. चीन इसी पुल के निर्माण से चिढ़ा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि पुल गुरुवार को पूरा हो गया था, यह दर्शाता है कि इंजीनियरों द्वारा सीमावर्ती इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं मजबूत किया जा रहा है और सीमा सड़क संगठन पीएलए के रुकावट के प्रयासों के बावजूद काम को जारी रखेगा.


यह पुल श्योक नदी से गलवान नदी के संगम से तीन किलोमीटर पूर्व में स्थित है, जहां से बेली ब्रिज के पूर्व में 2 किमी पूर्व में स्थित पैट्रोलिंग पॉइंट 14 है. पैट्रोलिंग पॉइंट 14 पर 15 जून को झड़प हुई थी. एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, "हमने स्टैंड-ऑफ के माध्यम से इस पुल पर काम नहीं रोका और 15 जून को हिंसक सामना करने के बावजूद काम करते रहे."

भारत ने गुरुवार को चीन को साफ संदेश दिया कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी गतिविधियों को सीमित रखे. भारत ने गलवान घाटी पर संप्रभुता के चीनी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. भारतीय सेना का कहना है कि 15 जून को हिंसक झड़प के बाद भारत का कोई सैनिक गायब नहीं है. 

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First published: 19 June 2020, 15:33 IST
 
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