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सेना प्रमुख का बयान- भाजपा से तेज बढ़ी मुस्लिमों की पैरोकार पार्टी AIUDF

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 February 2018, 10:49 IST

सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत के एक बयान पर बवाल मच गया है. जनरल रावत ने नॉर्थ ईस्ट राज्य असम के जिलों में मुस्लिम जनसंख्या की वृद्धि की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ का उभार 1980 के दशक से भाजपा के विकास से अधिक तेज रहा.

एक सेमिनार के दौरान आर्मी चीफ ने बांग्लादेशी घुसपैठ और जनसांख्यिकी परिवर्तन को समझाने के लिए उदाहरण देते हुए बयान दिया कि हमारे देश में जितनी तेजी से बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ है उससे भी तेजी से असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ बढ़ी है. इसके साथ ही उन्होंने जमीन पर कब्जा जमाना भी घुसपैठ का बड़ा कारण बताया है.

 

सेना प्रमुख ने 1984 में भाजपा के महज दो सीटें जीतने का जिक्र करते हुए कहा, ‘एआईयूडीएफ नामक एक पार्टी है. यदि आप उस पर नजर डालें तो आप पायेंगे कि भाजपा को उभरने में सालों लग गए, जबकि वह बिल्कुल कम समय में उभरी.’ उन्होंने कहा, ‘एआईयूडीएफ असम में तेजी से बढ़ रही है.’ यह दल मुस्लिमों के पैरोकार के रुप में 2005 में बना था और फिलहाल लोकसभा में उसके तीन सांसद और असम विधानसभा में 13 विधायक हैं.

उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ के बारे में बात करते हुए कहा कि इस घुसपैठ के लिए हमारे पश्चिमी पड़ोसी की छद्म नीति ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी पड़ोसी को उत्तरी पड़ोसी का साथ मिलने के कारण इस तरह की घुसपैठ हो रही है.

 

बिपिन रावत ने कहा कि पूर्वोत्तर को अशांत रखने के लक्ष्य के साथ पाकिस्तान द्वारा चीन के सहयोग से चलायी जा रहे परोक्ष युद्ध के तहत वहां ‘योजनाबद्ध’ तरीके से बांग्लादेश से लोगों को भेजा रहा है.

सेना प्रमुख के इस बयान के बाद बवाल मच गया है. उनके इस बयान पर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. सेना हमेशा एक निर्वाचित नेतृत्व के अंतर्गत काम करती है इसलिए हमारा संविधान उन्हें राजनीतिक मामलों में बोलने की इजाजत नहीं देता है.

First published: 22 February 2018, 10:49 IST
 
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