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दाढ़ी न काटने पर सेना ने जवान को निकाला

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 June 2016, 18:04 IST
(सांकेतिक तस्वीर (एजेंसी))

भारतीय सेना ने एक मुस्लिम जवान को इसलिए सेना से निकाल दिया, क्योंकि उसने धर्म का हवाला देते हुए अपनी दाढ़ी काटने से इनकार कर दिया था. इस मामले में सेना ने मक्तूम हुसैन नाम के मुस्लिम जवान को सेना से बर्खास्त कर दिया था.

इसके बाद मक्तूम हुसैन ने सेना के इस आदेश के खिलाफ सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की कोच्चि पीठ में अपील की. न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में सेना के फैसले को सही ठहराते हुए बर्खास्तगी के आदेश को बरक़रार रखा है.

मक्तूम हुसैन अप्रैल 2001 में आर्मी मेडिकल कोर में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था और 2010 में उसका ट्रांसफर 371 फील्ड हॉस्पिटल में हुआ था. वहां उसने अपने कमांडिंग ऑफिसर से धार्मिक आधार पर दाढ़ी रखने की इजाजत मांगी थी.

जिस पर कमांडिंग अधिकारी ने उसे इस शर्त पर दाढ़ी रखने की अनुमति दी थी कि उसे नए आईडी कार्ड के लिए आवेदन करते समय यह लिखकर देना होगा कि वह अपनी बची हुई नौकरी के दौरान दाढ़ी रखेगा. हालांकि, सेना की और से दी गई यह इजाजत बाद में वापस ले ली गयी.

इस मामले में न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में बताया था कि कमांडिंग अधिकारी ने उसे चार्जशीट भेजी थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि बार-बार मौखिक और लिखित रूप से निर्देश देने पर भी उसने अपनी दाढ़ी काटने से मना कर दिया है.

इस आरोप पर मक्तूम हुसैन के खिलाफ मुकदमा चलाया गया. दोषी करार दिए जाने के बाद मक्तूम हुसैन को सैन्य हिरासत में 14 दिन कैद की सजा हुई.

सजा काटने के बाद में उसका ट्रांसफर कमांड हॉस्पिटल पुणे में कर दिया गया. जब उसने ड्यूटी ज्वाइन की रिपोर्ट दी, उस समय उसे कमांडिंग अधिकारी ने दाढ़ी कटवाने के लिए कहा था, लेकिन उसने ऐसा करने से मना कर दिया, जिसकी वजह से उसे सेना ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया.

First published: 4 June 2016, 18:04 IST
 
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