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सेना को LAC पर दी गई पूरी आजादी, इन खास परिस्थितियों में कर पाएंगे हथियार इस्तेमाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 June 2020, 9:19 IST

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद भारत ने एलएसी नियमों में बदलाव किये हैं. नए नियमों के अनुसार सीमा पर तैनात सैनिकों को पूरी आज़ादी दे दी गई है. इसमें सेना के फील्ड कमांडरों अधिकार दिया गया है कि वह विशेष परिस्थितियों में जवानों को हथियारों चलाने की इजाजत दे सकते हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेवा प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान इस फैसले से उन्हें अवगत करवाया गया.

15 जून की झड़प में भारतीय सेना ने हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया, इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि 1996 और 2005 में एक द्विपक्षीय समझौतों के प्रावधानों के कारण हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्व युद्ध- II की 75 वीं वर्षगांठ में भाग लेने के लिए सोमवार को रूस की अपने निर्धारित यात्रा से पहले बैठक की थी. बैठक में एलएसी के साथ स्थिति और सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की गई.


मॉस्को में राजनाथ सिंह की बैठकों में चर्चा के लिए मौजूदा सीमा स्थिति भी सामने आने की उम्मीद है. सिंह 25 जून को लौटेंगे. यात्रा के दौरान भी वह स्थिति पर करीबी नजर रखेंगे. सेना एलएसी के साथ टकराव के बाद पूरी तरह से सतर्क हो गई है. भारतीय वायुसेना ने अपने फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों को तैनात किया है, जिसमें Su-30MKI, Mig-29UPG और नए AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल हैं. लेह में CH-47 चिनूक हेवी लिफ्ट हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं. चीन ने अपनी तरफ एलएसी के पास तोपखाने, बख्तरबंद वाहन और टैंक तैनात किए हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेना ने, बरेली और अन्य क्षेत्रों से अतिरिक्त डिवीजनों को स्थानांतरित करने की तैयारी की है. 15-16 जून की रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद से अपनी पहली टिप्पणी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच तनाव को बड़ी मुश्किल बताया और कहा कि उनका प्रशासन दोनों से से इसे सुलझाने के लिए बात कर रहा है.

ट्रंप ने कहा  “हम भारत से बात कर रहे हैं. हम चीन से बात कर रहे हैं. पिछले महीने भी ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. भारत ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, यह कहते हुए कि वह चीन के साथ सीमा रेखा को हल करने के लिए लगा हुआ है.

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First published: 22 June 2020, 9:12 IST
 
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