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अर्नब गोस्वामी: मैं सिर्फ चिल्लाता ही नहीं हूं, अच्छा श्रोता भी हूं

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2016, 17:47 IST
(फेसबुक)

अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्‍स नाउ के एडिटर-इन-चीफ और एंकर अर्णब गोस्‍वामी ने निजी रेडियो प्रसारण रेड एफएम को असमिया भाषा में दिए इंटरव्यू में कहा, ”आप मानेंगे नहीं. मेरे दोस्‍त बताएंगे कि मैं एक अच्‍छा श्रोता भी हूं. हो सकता है आप मुझसे सहमत न हों. लेकिन जब मैं मेरे दोस्‍तों के साथ बैठता हूं तो कम बोलता हूं और उन्हें सुनता ज्‍यादा हूं.” रेड एफएम ने एंकर अर्णब गोस्वामी का यह इंटरव्यू गुरुवार को जारी किया.

अर्णब गोस्वामी ने इंटरव्यू लेने वाले आरजे को बताया कि वह भी आम जिंदगी जीते हैं और आम आदमी है जिसका एक परिवार है.

उन्‍होंने कहा कि लोग अक्‍सर हैरान रह जाते हैं जब वे उन्‍हें सार्वजनिक कार्यक्रमों में चिल्‍लाते हुए या तेज बोलते हुए नहीं सुनते हैं.

जब उनसे पूछा गया कि वे इंटरनेट पर उड़ने वाले मजाक का किस तरह से सामना करते हैं तो उन्होंने कहा, ”मैं इस बात से अभिभूत हूं. कोई मुझे रॉयल्‍टी नहीं देता लेकिन वे मेरी नकल करते हैं. मैं नकल वाले वीडियो देखता हूं. यह अच्‍छा है. यह अच्‍छी बात है.”

गोस्‍वामी ने बताया कि डिबेट उन्हें स्कूल टाईम से पसंद है. यह एक तरह से उनकी हॉबी रही है.

उन्‍होंने बताया, ”इससे पहले मैं स्‍टूडियो में काफी चुप रहता था, शांत बहस होती थी. इसलिए मैं उस बहस को बहुत याद करता हूं. बाद में जब मुझे खुद का चैनल शुरू करने का मौका मिला तब मुझे अपनी पुरानी आदत पाने का मौका मिला. पिछले सात-आठ साल में मेरी डिबेट करने की आदत मेरा कॅरियर बन गया. इस तरह से मैंने कभी महसूस नहीं किया था.”

अर्णब गोस्‍वामी का ‘नेशन वॉन्‍ट्स टू नो’ कहना एक जुमले की तरह लोगों के बीच काफी फेमस हैं. जब उनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा, ”मुझे नहीं पता यह कैसे शुरू हुआ. आजकल इस बारे में काफी सतर्क रहता हूं. जहां भी जाता हूं लोग यही बोलते रहते हैं. ‘नेशन वॉन्‍ट्स टू नो’ लिखी हुई टी-शर्ट भी मार्केट में बिक रही है.”

गौरतलब है कि अर्णब गोस्वामी कई बार चैनल टाईम्स नाउ पर बहस के दौरान आक्रामक हो जाते हैं, जिसकी काफी आलोचना हो रही है.

जनसत्ता के पूर्व संपादक ओम थानवी ने भी इस संदर्भ में फेसबुक पर टिप्पणी की थी. ओम थानवी के अलावा दिवंगत पत्रकार विनोद मेहता भी अर्णब गोस्वामी के आक्रामक एंकरिग की उनके प्रोग्राम में ही आलोचना कर चुके हैं.

First published: 30 July 2016, 17:47 IST
 
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