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आर्ट ऑफ लिविंग की गुहार, 5 करोड़ हर्जाने के लिए 4 हफ्ते का समय

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 March 2016, 14:06 IST

श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग ने आज एनजीटी से गुहार लगाई की विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन पर लगाये गये जुर्माने की राशि 5 करोड़ रुपये को आज शाम 4 बजे तक जमा करा पाना संभव नहीं, इसलिए संस्था को कम से कम 4 हफ्तों का समय दिया जाए.

इस पर एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग से साफ-साफ पूछा कि आप जुर्माना देंगे या नहीं. एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग के वकील से कहा कि आप लिख कर दें कि संस्था 4 हफ्ते में 5 करोड़ भरेगी. एनजीटी में मामले की सुनवाई जारी है.

वहीं दूसरी तरफ एनजीटी पर्यावरण विशेषज्ञों की विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर भी आज ही सुनवाई करेगा. आज श्री श्री रविशंकर के इस महाआयोजन के भव्य शुभारंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कैबिनेट के कई मंत्री के साथ-साथ बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है.

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कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का भारी तामझाम खड़ा किया है. पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा खुद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के करीब दो हजार जवानों, करीब एक हजार हथियार बंद रिजर्व पुलिस बल और रात की ड्यूटी में भी इतने ही जवानों को तैनात किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी अर्द्धसैनिक बलों, एनएसजी के साथ ही अन्य रिजर्व पुलिस बलों को लगाने का फैसला कर लिया. कार्यक्रम में वीवीआईपी मुवमेंट को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपना सारा अमला इसी कार्यक्रम पर झोंक दिया है.

गौरतलब है कि एनजीटी ने बुधवार को संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाते हुए तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को अपनी मंजूरी दे दी थी.

इस फैसले के बाद श्री श्री रविशंकर ने गुरुवार को अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण उल्लंघन के लिए जो जुर्माना लगाया है, उसे चुकाने की बजाय वह जेल जाना पसंद करेंगे.

पढ़ें: जुर्माना नहीं दूंगा, जेल भले चला जाऊं: श्री श्री रविशंकर

श्री श्री ने कहा कि संस्था ने कुछ भी गलत नहीं किया, हम निष्कलंक हैं. हम जेल चले जांएगे लेकिन जुर्माना नहीं चुकाएंगे.

श्री श्री रविशंकर की इस प्रतिक्रिया के बाद जब एनजीटी ने सख्त रवैया अपनाते हुए जुर्माना नहीं भरने की सूरत में भव्य आयोजन को कैंसिल करने की बात कही तो आर्ट ऑफ लिविंग ने पूरे मामले में यू टर्न लेते हुए कहा कि हम जुर्माना भरने को तैयार हैं.

First published: 11 March 2016, 14:06 IST
 
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