Home » इंडिया » Arun Jaitley concernes about democracy and vulgarity
 

भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे जेटली ने जतायी लोकतंत्र और अभद्र भाषा पर चिंता

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2015, 18:19 IST
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने फ़ेसबुक पेज़ पर संसद का 'शीतकालीन सत्र खत्म होने के बाद कुछ छिटपुट विचार' व्यक्त किया है. बुधवार को शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन था.

जेटली ने अपने पोस्ट में लिखा है कि शीतकालीन सत्र से कुछ जायज सवाल खड़े हुए हैं. मुझे लगता है कि इन सवालों को लोगों के साथ जरूर साझा किया जाना चाहिए.

जेटली ने अपने पोस्ट में खासतौर पर दो विषय संसदीय लोकतंत्र और राजनीति में अभद्र भाषा पर अपनी चिंता जाहिर की है.

पढ़ेंः शत्रुघ्न सिन्हा ने भी की अरुण जेटली के इस्तीफ़े की मांग

जेटली ने संसदीय लोकतंत्र पर चिंता जाहिर करते हुए लिखा है कि संसद के पिछले सत्र को कांग्रेस पार्टी ने चलने नहीं दिया.

जेटली ने लिखा है, "ज्यादातर कांग्रेसी नेता निजी तौर पर अपने शीर्ष नेतृत्व के संसद न चलने देने के निर्णय पर अपनी लाचारी जता चुके हैं."

जेटली ने पोस्ट में आरोप लगाया है कि संसद में कानून पारित कराना कांग्रेस के रवैये के कारण जटिल होता जा रहा है

उन्होंने लिखा है, "कांग्रेस नेतृत्व को संसदीय कार्यवाही के मामले में अपने अतार्किक और अतिरंजित बरताव के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए."

जेटली ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तारीफ करते हुए मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की.

जेटली ने लिखा है, "कांग्रेस की बागडोर संभाल रही मौजूदा पीढ़ी को इतिहास में अपने पुरखों की विरासत को कमजोर करने के लिए याद किया जाएगा."

जेटली ने संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन बगैर बहस के तुरत-फुरत में कई विधेयक पारित करने पर सवाल उठाया.

अरुण जेटली ने लिखा है कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली में मिली जीत के बाद कांग्रेस को लग रहा है कि अभद्रता से वोट मिलता है

जेटली ने अपनी पोस्ट में दूसरी बड़ी चिंता अभद्रता (वल्गैरिटी) को लेकर जतायी है. जेटली ने कुछ महीने पहले भाजपा के कुछ सदस्यों द्वारा दिए गये बयानों का हवाला देते हुए लिखा है कि उनके बयानों की पार्टी के अंदर भी सराहना नहीं की गयी थी.

जेटली ने लिखा है कि पार्टी अध्यक्ष ने ऐसे लोगों को ऐसे बयान देने से बचने की सलाह देते हुए उन्हें आगाह किया था.


जेटली का मुख्य निशाना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नज़र आए. जेटली लिखते हैं, "लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने विधानसभा के अंदर और बाहर भारत के प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं के बारे में जिस तरह की टिप्पणी की उसका क्या?"

जेटली लिखते हैं कि अगर भारत सरकार से जुड़े लोग इस तरह के बयान देेंगे तो इसपर राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया होगी.

पढ़ेंः डीडीसीए में हुए कथित घोटाले पर किन चीज़ों पर रखनी होगी नज़र

जेटली ने अरविंद केजरीवाल को सलाह देते हुए कहा कि "ऐसे पदों पर बैठे हुए लोगों को संयम बरतना चाहिए...राजनीतिक विमर्श अभद्र भाषा में नहीं किया जा सकता."

जेटली ने लिखा है कि सार्वजनिक बहस का लंपटीकरण राजनीतिक का सर्वोच्च बिंदु कभी नहीं हो सकता.

जेटली ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा है, "आम आदमी पार्टी को दिल्ली में मिली सफलता से कांग्रेस को ये भ्रम हो गया है कि अभद्रता से वोट मिलता है."

पढ़ें: 'जेटली ने जिस आधार पर मनमोहन का इस्तीफा मांगा था उसे खुद पर भी लागू करें'

पढ़ें: डीडीसीए घोटाला: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजाद ने नहीं लिया जेटली का नाम

First published: 24 December 2015, 18:19 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी