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'दोस्त' जेटली को अंतिम विदाई भी नहीं दे सके पीएम मोदी, जानिए क्यों?

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2019, 18:11 IST
(File Photo)

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. उनके पार्थिव शरीर का दिल्ली के निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. शनिवार दोपहर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका निधन हो गया था. बीजेपी नेताओं सहित विपक्ष के तमाम नेताओं ने जेटली के निधन पर शोक व्यक्ति किया और उनके आवास पर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

शनिवार को एम्स से उनके पार्थिव शरीर को कैलाश कॉलोनी स्थित उनके घर लाया गया. जहां पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं सहित विपक्ष और उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. उसके बाद रविवार सुबह अंतिम दर्शनों के लिए उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय में रखा गया. जहां से दोपहर करीब डेढ़ बजे जेटली की अंतिम यात्रा शुरु हुई. करीब तीन बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के निगमबोध घाट पहुंचा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई.

इस दौरान बीजेपी के तमाम नेता, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता जेटली को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे. लेकिन उनके 'सखा' पीएम मोदी कहीं नजर नहीं आए. क्योंकि पीएम मोदी इनदिनों तीन देशों (संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, फ्रांस) की यात्रा पर हैं. अपने कर्तव्यों के बंधे पीएम मोदी अपने 'दोस्त' जेटली के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके.

शनिवार शाम जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहरीन पहुंचे तो उन्हें जेटली के निधन की सूचना मिली. पूर्व वित्त मंत्री के निधन की सूचना मिलते ही मोदी भावुक हो गए. उसके बाद उन्होंने जेटली के परिवार से फोन पर बातचीत की और उन्हें सांत्वना दी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेटली के परिवार ने उनसे कहा कि वह इस महत्वपूर्ण यात्रा को बीच में छोड़कर ना आएं.

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को जब बहरीन में भारतीय समुदाय को संबोधित किया तब उन्होंने कहा कि, ''मैं कर्तव्य से बंधा हुआ इंसान हूं. एक तरफ़ बहरीन उत्साह और उमंग से भरा हुआ है. भारत में कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जा रहा है. उसी पल मेरे भीतर गहरा शोक, एक गहरा दर्द दबाकर मैं आपके बीच खड़ा हूं. विद्यार्थी काल से जिस दोस्त के साथ सार्वजनिक जीवन के एक के बाद एक कदम मिलकर चला, राजनीतिक यात्रा साथ-साथ चली, हर पल एक दूसरे के साथ जुड़े रहना, साथ मिलकर जूझते रहना, सपनों को सजाना, सपनों को निभाना, वो दोस्त अरुण जेटली शरीर छोड़कर चला गया.''

पीएम मोदी ने कहा कि, ''कल्पना नहीं कर सकता कि मैं इतनी दूर यहां बैठा हूं और मेरा दोस्त चला गया. इसी महीने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा बहन चली गईं और आज मेरा दोस्त अरुण चला गया. बहुत दुविधा का पल है मेरे सामने. एक तरफ कर्तव्यों से बंधा हुआ हूं तो दूसरी तरफ दोस्ती के भाव से भरा हूं. मैं आज बहरीन की धरती से भाई अरुण को आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं. इस दुख की घड़ी में ईश्वर मेरे दोस्त के परिवारजनों को शक्ति दे. मैं इसके लिए प्रार्थना करता हूं.''

पीएम मोदी के इस संबोधन से साफ हो गया कि वह विवश थे और जेटली को अंतिम विदाई देने भी नहीं आ सके. पीएम मोदी बहरीन से फ़्रांस पहुंच गए हैं. वहां वह बिरेट्स शहर में आयोजित G-7 सम्मेलन में 25-26 अगस्त को हिस्सा लेंगे. बता दें कि यहां भारत फ़्रांस के आमंत्रण पर पहुंचा है. 26 अगस्त को पीएम मोदी की मुलाकात अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी होगी. इस मुलाक़ात की घोषणा ट्रंप भी पहले ही कर चुके हैं.

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First published: 25 August 2019, 18:11 IST
 
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