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अरुण जेटली ने राहुल गांधी की समझ पर उठाए सवाल, कहा- न जाने वह कब समझेंगे?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2018, 10:20 IST

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राहुल गांधी की समझ पर सवालिया निशान किया. जेटली ने बुधवार 6 जून को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उनके मध्यप्रदेश के मंदसौर में दिए भाषण को लेकर हमला बोला.

जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट कर कहा, "हर बार संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह जब मैं राहुल गांधी के विचारों को सुनता हूं तो खुद से कुछ सवाल करता हूं कि वह कितना जानते हैं, वह कब समझेंगे?"

जेटली ने लिखा, "मध्य प्रदेश के उनके भाषण को सुनने के बाद इस सवाल के जवाब को लेकर मेरी जिज्ञासा और बढ़ गई. क्या उन्हें अपर्याप्त जानकारी दी जाती है या वह अपने तथ्यों को लेकर कुछ ज्यादा ही उदार हैं." जेटली ने राहुल गांधी के भाषण के 6 प्वाइंट्स को गिनाया और उसका सीरियल से जवाब दिया.

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी पर देश के 15 शीर्ष उद्योगपतियों को 2.5 लाख करोड़ रुपये का लोन माफ करने के आरोप पर जेटली ने लिखा, "किसी भी उद्योगपति का सरकार ने एक रुपये का भी लोन माफ नहीं किया है. राहुल ने जो तथ्य गिनाएं वो पूरी तरह से तथ्यों के विपरीत हैं. जिन लोगों ने बैंकों और अन्य लेनदारों से पैसा लिया है उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया गया है और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार द्वारा अधिनियमित आईबीसी द्वारा उनकी कंपनियों से हटा दिया गया है. इनमें से ज्यादातर लोन यूपीए सरकार के दौरान दिये गये."

 

राहुल गांधी द्वारा ये कहना कि लोन किसानों के लिए नहीं है, बल्कि उद्योगपतियों के लिए है, पर जेटली ने लिखा, "यूपीए सरकार, खासतौर पर यूपीए सरकार 2 के दौरान ज्यादातर लोन दिये गये. यह स्थिति खास कर संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल (संप्रग-दो) में थी. आज जो कर्ज फंसे (एनपीए) हैं, उसका बड़ा हिस्सा बैंकों द्वारा 2008-14 में दिया गया. 2014 के बाद से हम एक एक कर बैंकों के पैसे की वसूली कर रहे हैं."

राहुल गांधी के भारत में रोजगार सृजन न होने की बात पर जेटली ने जीडीपी के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए लिखा, "भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. निर्माण और उत्पादन में दो अंकों में बढ़ोतरी हुई है. कैपिटल फॉर्मेशन हुआ है, जो दिखाता है कि निवेश में बढ़ोतरी हुई है. इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है. ये सभी रोजगार सृजन करने वाले क्षेत्र हैं."

राहुल ने अपने भाषण में कहा था कि पीएम मोदी ने देश से भागे दो डायमंड व्यापारी को 35 हजार करोड़ रुपये दिये. इस पर जेटली ने नोट में लिखा कि यह बैंकिंग घोटाला 2011 में हुआ, जब यूपीए 2 की सरकार थी. एऩडीए के शासनकाल में केवल इसका पता लगा है.

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राहुल ने कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो मेड इन चाइना मोबाइल भारत में बनेंगे. इस पर जेटली ने कहा कि 2014 में जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई, तब देश में महज दो मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियां थीं. 2018 में हमारी इलेक्ट्रोनिक पॉलिसी का परिणाम है कि चार साल की अवधी में ये कंपनियां 120 यूनिट तक पहुंच गई हैं, जिनमें 1.32 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया गया है.

राहुल ने कहा था कि हम खेतों और गांव को शहरों से जोड़ेंगे. इस पर जेटली ने लिखा कि साल 2003 में जब कांग्रेस मध्य प्रदेश की सत्ता से बाहर हुई, तब मध्य प्रदेश सड़कों के मामले में देश का सबसे पिछड़ा हुआ राज्य था. कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने की मुख्य वजह खराब सड़कें ही थीं. शिवराज चौहान और पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद जो एऩडीए सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण में तीन गुना निवेश किया, जो कांग्रेस सरकार की तुलना में काफी अधिक था. इस तरह से ग्राम सड़क योजना में एक क्रांति आई है.

First published: 7 June 2018, 10:18 IST
 
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